भारत-बांग्लादेश सीमा विवाद हल होने में करीब 9 वर्ष लगेंगे
समाचार पत्र न्यू एज के अनुसार वित्त मंत्रालय से कोष की मांग करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि 'इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी' (आईटीएलओएस) में मामले को हल होने में करीब नौ वर्ष लग सकते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय विवादों को सुलझाने के लिए यूएन कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी (यूएनसीएलओएस) ने आईटीएलओएस का गठन किया।
पिछले वर्ष वित्त मंत्रालय को भेजे गए एक पत्र में विदेश मंत्रालय ने इस दौरान करीब 1.15 करोड़ डॉलर की रकम की मांग रखी है।
बंगाल की खाड़ी में समुद्री सीमा को लेकर बांग्लादेश का भारत और म्यांमार से विवाद है। इस क्षेत्र में तेल और गैस के भारी भंडार होने की संभावना है।
अधिकारियों के अनुसार मामले की पहली सुनवाई जून में होने की संभावना है। इसके लिए बांग्लादेश और भारत दोनों ने कानूनी सलाहकार नियुक्त किए हैं।
बांग्लादेश ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय कानून के पूर्व प्रोफेसर एलन वाहन लोवे और भारत ने विदेश मंत्रालय के पूर्व कानूनी सलाहकार पी. श्रीनिवास राव को पांच सदस्यीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण का सदस्य नियुक्त किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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