तमिलों का जल्द पुनर्वास चाहता है भारत
नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। भारत की ओर से सोमवार को कहा गया है कि उसने श्रीलंका से आग्रह किया है कि गृह युद्ध के कारण विस्थापित हुए तमिलों का जल्द से जल्द पुनर्वास किया जाए। इसके साथ ही सरकार ने तमिलों की आवासीय परियोजनाओं के लिए सहयोग का भी संकल्प लिया है।
विदेश सचिव निरूपमा राव श्रीलंका के अपने तीन दिनों के दौरे के बाद स्वदेश वापस लौट आई हैं।
श्रीलंकाई नेतृत्व और वहां के अधिकारियों के साथ दो दिनों तक व्यापक चर्चा के बाद राव ने उनसे कहा कि भारत युद्ध प्रभावित उत्तरी और पूर्वी श्रीलंका के पुनर्निर्माण और विकास के काम में अपना सहयोग जारी रखना चाहता है।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि राव ने उम्मीद जताई है कि खासतौर से किलिनोच्ची और मुल्लैतिवु में पुनर्वास प्रक्रिया में तेजी लाई जा सकती है ताकि विस्थापित लोग अपने मूल इलाकों में सामान्य जीवन जी सकें।
मंत्रालय ने कहा है, "इस संदर्भ में राव ने किलिनोच्ची और मुल्लैतिवु जिलों में विस्थापितों को लाभ पहुंचाने के लिए अवासीय परियोजनाओं में भारत के सहयोग की घोषणा की है।"
इस सहयोग के अंतर्गत अस्थायी आश्रयों का निर्माण, क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत और नई इमारतों का निर्माण शामिल होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications