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'बुश का और समर्थन करना चाहिए था'

By Staff
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'बुश का और समर्थन करना चाहिए था'

जॉर्ज बुश के पूर्व रणनीतिकार कार्ल रोव ने कहा है कि इराक़ में विनाशकारी हथियार नहीं मिलने के कारण बुश की छवि को धक्का लगा था.

अपनी किताब 'करेज एंड कॉन्सिक्वेंस' में कार्ल रोव ने लिखा है, “मुझे लगता है कि इस धारणा का खंडन करने के लिए मुझे और काम करना चाहिए था कि राष्ट्रपति बुश ने सद्दाम हुसैन के शासनकाल में हथियारों को लेकर झूठ बोला.”

कार्ल रोव ने कहा कि इस धारणा को बदलने के लिए और काम न कर पाना उनके जीवन की सबसे बड़ी ग़लतियों में से एक है.

उन्होंने कहा है कि जॉर्ज बुश प्रशासन ने बहुत अहम उपलब्धियां हासिल की हैं.

अपनी किताब में रोव ने बुश का बचाव किया है और लिखा है कि इतिहास बुश के दोनों कार्यकालों को सकारात्मक नज़रिए से देखेगा.

रोव के मुताबिक बुश ने अमरीकी जनता को सामूहिक विनाश के हथियारों के बारे में जान बूझकर गुमराह नहीं किया और कहा कि 9/11 के हमले के जवाब में 2003 का हमला न्यायोचित था.

अगले हफ़्ते आने वाली किताब में वे लिखते हैं, “ये देखने के बाद चारों विमान कितना ज़्यादा नुकसान पहुँचा सकते थे बुश चाहते थे कि विनाशकारी हथियार विश्व के सबसे ताकतवर तानाशाहों के हाथों में पड़ें.”

इराक़ और कैटरीना तूफ़ान

कैटरीना समुद्री तूफ़ान के दौरान आपदा प्रबंधन को लेकर भी बुश प्रशासन की काफ़ी आलोचना हुई थी. इसमें न्यू ऑर्लियंस इलाक़ा तबाह हो गया था.

तबाही के मंज़र के बीच जॉर्ज बुश ने केंद्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अधिकारी माइकल ब्राउन की तारीफ़ करते हुए कहा था, हेक ऑफ़ ए जॉब, ब्राउनी.

लेकिन कार्ल रोव का कहना है कि बुश की ये टिप्पणी जानकारी के अभाव में नहीं दी गई थी और न ही बुश कितने अकुशल थे. रोव के मुताबिक बुश की टिप्पणी दवाब में काम कर रहे एक अधिकारी का उत्साह बढ़ाने की कोशिश थी.

बुश प्रशासन के दौरान जो बड़े फ़ैसले और विवाद हुए कार्ल रोव उनसे जुड़े रहे थे.

राष्ट्रपति चुनाव में बुश की दो बार हुई जीत के दौरान रोव मुख्य रणनीतिकार थे.

इस कारण रिपब्लिकन पार्टी के लोग उन्हें काफी मानते थे जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के लोग उनकी आलोचना करते आए हैं.

जॉर्ज बुश के दूसरे कार्यकाल में रोव का प्रोमोशन कर उन्हें नीति संयोजन के लिए डेपयूटी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ बना दिया गया था. इसमें आंतरिक सुरक्षा से लेकर घरेलू अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल हैं.

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