'बांग्लादेश होकर भारत पहुंचे थे कंधार विमान अपहृर्ता'
ढाका, 6 मार्च (आईएएनएस)। ढाका में गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक संदिग्ध आतंकवादी ने बांग्लादेश के जांचकर्ताओं को बताया है कि उसने वर्ष 1999 में इंडियन एयरलाइंस के एक विमान का अपहरण कर उसे कंधार ले जाने में शामिल कई आतंकवादियों को भारत पहुंचने में मदद की।
समाचार पत्र 'द डेली स्टार' ने शनिवार को जांच के कार्यबल (टीएफआई) प्रकोष्ठ में शामिल एक अधिकारी के हवाले से कहा, "नन्नू मियां उर्फ बेलाल मंडल उर्फ बिलाल ने हमें जांच में बताया कि उसने करीब 12-13 आतंकवादियों को भारत भेजने में मदद की। वह इनमें से एक व्यक्ति अबुर रहमान को जानता है।"
दिसंबर 1999 में आतंकवादियों ने काठमांडू से नई दिल्ली जा रहे इंडियन एयरलाइंस के विमान (उड़ान संख्या 814) का अपहरण कर लिया गया था और उसे तालिबान के शासन वाले अफगानिस्तान के कंधार शहर में उतरने को विवश किया गया था।
सभी यात्रियों की सुरक्षित रिहाई के बदले भारतीय अधिकारियों ने चार आतंकवादियों को रिहा किया था जिनमें जेईएम का संस्थापक मौलाना मसूद अजहर भी शामिल था।
बिलाल (35 वर्ष) को पिछले रविवार को जेईएम के चार अन्य आतंकवादियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। इनमें पाकिस्तानी नागरिक रिजवान अहमद भी शामिल है, जो पिछले पांच वर्षो से जैश की गतिविधियों का समन्वय कर रहा था। बिलाल ने स्वीकार किया कि वह वर्ष 1999 के विमान अपहरण की साजिश में शामिल था।
भारतीय अधिकारियों को यद्यपि विमान अपहरण कांड में बिलाल के शामिल होने के बारे में संदेह है लेकिन भारतीय जांचकर्ताओं का एक दल उससे पूछताछ कर सकता है। इसके अलावा भारत में घुसपैठ के लिए पाकिस्तान स्थित जेईएम के बांग्लादेश के रास्ते का इस्तेमाल किए जाने की भी जांच होगी।
भारत की गुवाहाटी जेल में करीब 10 वर्ष बिताकर अपने वतन लौटे बांग्लादेशी नागरिक बिलाल ने जांचकर्ताओं को बताया कि एक अन्य पाकिस्तानी नागरिक और जेईएम के संदिग्ध आतंकवादी जावेद ने सात-आठ महीने पहले उसका परिचय रिजवान ने कराया।
बिलाल के अलावा पिछले रविवार को ढाका में जेईएम के संदिग्ध संचालकों अबु निसार मुंशी, इमादुद्दीन उर्फ मुन्ना और सादिक हुसैन उर्फ खोका को भी गिरफ्तार किया गया।
कराची के निवासी रिजवान ने कहा कि उसे जावेद से धन मिलता था। बिलाल को भी 60,000 टका (900 डॉलर) की रकम मिली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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