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चरमपंथी का वसूली के लिए फ़ोन

By Staff
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चरमपंथी का वसूली के लिए फ़ोन

सुबीर भौमिक

बीबीसी संवाददाता, कोलकाता

कोलकाता के चार व्यावसायियों ने पुलिस से शिकायत की है कि एक इस्लामिक चरमपंथी माफ़िया उन्हें फ़ोन पर धमकी दे रहा है कि या तो वे पैसा दें या फिर उन पर हमला कर दिया जाएगा.

इन व्यावसायियों ने जिस व्यक्ति का नाम लिया है वह आमिर रज़ा ख़ान है.

आमिर रज़ा ख़ान को वर्ष 2002 में कोलकाता के अमरीकन सेंटर पर हुए चरमपंथी हमलों के लिए ज़िम्मेदार माना जाता है. इस हमले में छह पुलिसकर्मी मारे गए थे.

इसके अलावा आमिर रज़ा ख़ान पर कोलकाता के शीर्ष व्यावसायियों में से एक ख़ादिम समूह के पार्थ रे बर्मन के अपहरण का भी आरोप है.

कोलकाता पुलिस की ख़ुफ़िया विभाग की प्रमुख दमयंती सेन ने बीबीसी को बताया कि चमड़े और जूते चप्पल का व्यावसाय करने वाले दो व्यावसायियों ने पुलिस से शिकायत की है कि आमिर रज़ा ख़ान उन्हें धमकी दे रहा है और हर एक से 20 करोड़ रुपए माँग रहा है.

उनके अनुसार दो और व्यावयायियों को इतनी ही राशि के लिए धमकियाँ दी गई हैं. इनमें से एक पाँच सितारा होटल के मालिक हैं. उनका कहना है कि आमिर रज़ा ख़ान ने कहा है कि यदि उन्होंने यह राशि नहीं दी तो उनका अपहरण कर लिया जाएगा.

ख़ुफ़िया अधिकारी दमयंती सेन का कहना है कि केंद्रीय ख़ुफ़िया विभाग ने फ़ोन कॉल्स के आधार पर सूचना दी है कि आमिर रज़ा ख़ान इस समय कराची में है.

कोलकाता पुलिस के विशेष कार्यदल का कहना है कि आमिर रज़ा के दिशा निर्देश के अनुसार कोलकाता का अब्दुल्ला इंडियन मुजाहिदीन को संचालित करता है.

पुलिस का कहना है कि अब्दुल्ला कोलकाता में ही कहीं छिपा हुआ है जिससे कि वह आमिर रज़ा के इशारे पर व्यावसायियों का अपहरण कर सके और जिससे बाक़ी व्यावसायियों में उसका डर समा जाए.

आमिर के भाई आसिफ़ रज़ा ख़ान की मौत उस समय हो गई थी जब वे गुजरात पुलिस की हिरासत से भागने के प्रयास में थे.

कहा जाता है कि इसी मौत का बदला लेने आमिर रज़ा ख़ान ने अमरीकन सेंटर पर हमला किया था.

आमिर ने अपने भाई की याद में 'आसिफ़ रज़ा कमांडो फ़ोर्स' गठित की थी.

देश के ख़ुफ़िया विभाग के अधिकारी कहते हैं कि इस 'आसिफ़ रज़ा कमांडो फ़ोर्स' का अब चरमपंथी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के साथ विलय हो चुका है.

कोलकाता पुलिस की ख़ुफ़िया विभाग की प्रमुख दमयंती सेन का कहना है, "आमिर रज़ा ख़ान नए हमलों के लिए किसी तरह पैसे का इंतज़ाम करना चाहता है, दूसरे वह आफ़ताब अंसारी को छुड़वाना चाहता है, अमरीकन सेंटर पर हमलों के सिलसिले में हाईकोर्ट ने उनकी मौत की सज़ा को बरकरार रखा है."

आफ़ताब अंसारी को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया था. अब वह हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील करना चाहते हैं.

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