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'भारत बात न करे तो पाकिस्तान युद्ध करे'

By Staff
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Hafiz Saeed

हफ़ीज़ चाचड़

बीबीसी संवाददाता, पाकिस्तान

जमात उल दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद ने कहा है कि अगर भारत कश्मीर पर बात नहीं करता है तो पाकिस्तान को हमला कर देना चाहिए.

जमात उल दावा के प्रमुख हाफिज़ सईद ने कहा है कि अगर भारत कश्मीर और पानी के मुद्दे पर बात नहीं करता तो पाकिस्तान को उसके ख़िलाफ़ युद्ध लड़ना पड़ेगा और इसी में पाकिस्तान का अस्तित्व है.

एक अज्ञात स्थान से स्थानीय निजी टीवी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच दिल्ली में सचिव स्तर पर हुई बातचीत के बाद भारतीय रवैये की कड़ी आलोचना की.

उन्होंने कहा, “इंडिया ने पाकिस्तान के साथ अजीब रवैया अपनाया हुआ है ..और 9/11 के बाद पाकिस्तान की मजबूरियों से लाभ उठा कर बाँध का निर्माण कर पानी रोक लिया है."

उन्होंने आगे कहा, “अगर पाकिस्तान की जंग इंडिया से होती है तो पाकिस्तानी सेना के साथ पाकिस्तानी जनता, जमात-उल-दावा और बच्चा- बच्चा इक्ट्ठा हो कर इंडिया से लड़ेगा."

टीनी चैनल पर साक्षात्कार देते हुए हाफिज़ सईद का चेहरा नहीं दिखाया गया. भारत के प्रति उनका स्वर काफी आक्रामक था. उन्होंने भारत को धमकी देते हुए कहा, “अगर भारत के साथ पाकिस्तान की लड़ाई होती है तो मैं समझता हूँ कि भारत को यह सोच लेना चाहिए कि मसला कश्मीर पर सीमित नहीं रहेगा."

उनके अनुसार पाकिस्तान भारत के साथ जब भी बातचीत करता है तो वह असली मु्द्दों से हट मुंबई हमलों और दूसरी बातें करना चाहता है. हाफिज़ सईद ने बताया, “हमने कभी बातचीत से इंकार नहीं किया है और मैं समझता हूँ कि भारत बातचीत करने को लेकर गंभीर नहीं है. दिल्ली में सचिव स्तर की बातचीत में हमने यह सब कुछ देखा."

'मैने चिदंबरम से बात की'

भारत प्रशासित कश्मीर में हो रहे जिहाद पर उन्होंने कहा, “हम कश्मीर की स्वतंत्रता के लिए चल रहे अंदोलन और वहाँ चल रहे जिहाद को सही मानते हैं और कश्मीर में आज़ादी के लिए जितनी भी संस्थाएँ काम रही हैं हम उनसे संपर्क में हैं, सहयोग करते हैं और मदद करते हैं."

लश्करे तैबा पर पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि लश्करे तैबा का उनके साथ कोई संबंध नहीं है लेकिन वे जिहाद में उसकी मदद करते हैं और संपर्क में है.

उन्होंने कहा कि भारत ने मीडिया का सहारा लेकर तथ्यों को छिपाया है और उनके ख़िलाफ दुष्प्रचार कर रहा है.

हाफ़िज़ सईद ने कहा, “कश्मीरियों का कर्तव्य है कि वह जिहाद करें. कई सालों से अधिकार नहीं मिल रहे हैं. इसलिए उन्होंने सशस्त्र अंदोलन का सहारा लिया है और मैं कश्मीरियों का समर्थन करता हूँ."

भारत से निपटने के लिए हाफिज़ सईद ने पाकिस्तान सरकार के समक्ष दो विकल्प रखे. पहला यह कि सरकार कश्मीर में भारत के ख़िलाफ औपचारिक रुप से जिहाद की घोषणा करे और दूसरा यह कि अगर ऐसा नहीं होता तो मुस्लिम विद्वानों को फैसला लेना चाहिए कि वह भारत के साथ कैसे निपटते हैं.

उन्होंने फिर कहा कि मुंबई हमलों से उनका कोई संबंध नहीं है और न ही भारत सरकार के पास उनके ख़िलाफ ठोस प्रमाण हैं.

हाफ़िज सईद ने बताया, “आप देख रहे हैं कि भारत ने पाकिस्तान को जितने भी डोज़ियर दिए हैं किसी एक में भी मेरे ख़िलाफ सबूत नहीं है और पिछले दिनों विदेश सचिव सलमान बशीर ने दिल्ली में यह कहा कि भारत ने जो भी कुछ दिया है वह सबूत नहीं बल्कि साहित्य हो सकता है."

उन्होंने भारत को चुनौती देते हुए कहा कि अगर भारत के पास उनके ख़िलाफ कोई सबूत है तो वह किसी अंतरराष्ट्रीय अदालत में पेश करे. हाफिज़ सईद ने यह भी बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले भारतीय गृह मंत्री पी चिदंबरम से बात की थी.

वे बोले, “मैं यह कहता हूँ कि इंडिया के साथ भी हम दलील के साथ बात करना चाहते हैं और मैंने चिदंबरम साहब से कहा था कि आप ग़ुस्से में आ जाते हैं, आप आरोप लगाते हैं... आप मुझे से बात करें."

उन्होंने पाकिस्तानी सरकार की भी कड़ी आलोचना की और उसे कायर क़रार दिया. ग़ौरतलब है कि कई सालों बाद किसी टीवी चैनल पर हाफिज़ सईद का कोई इंटरव्यू सामने आया है.

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