डेरा समर्थकों की हिंसा के बाद स्थिति शांतिपूर्ण (लीड-1)
पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक रोहित चौधरी ने आईएएनएस से कहा, "स्थिति हमारे नियंत्रण में है। भंटिडा, मोगा और फिरोजपुर जिले में बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। गैर सामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है।"
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) वी. एन. राय ने आईएएनएस से कहा, "स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है। किसी भी इलाके से अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।"
इससे पहले, पुलिस ने हिंसक प्रदर्शनों के मामले में 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को आईएएनएस को बताया कि पंजाब के विभिन्न इलाकों से 35 लोगों को हिरासत में लिया गया।
अधिकारी ने कहा हिरासत में लिए गए अधिकांश युवक हैं। अधिकारी ने कहा, "हम पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि युवकों को हिंसा के लिए उकसाने की वजह क्या है।"
अधिकारी ने कहा कि पंजाब में रविवार स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि शनिवार रात नौ बजे के बाद से कहीं से भी हिंसक घटनाओं की सूचना नहीं मिली।
उधर, हरियाणा पुलिस ने हिंसा के मामले में 15 से अधिक युवकों को हिरासत में लिया है। राज्य पुलिस ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियों की मांग की है।
गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ हत्या का एक और मामला दर्ज किए जाने के खिलाफ पंथ के समर्थक शनिवार को उपद्रव पर उतारू हो गए थे। उन्होंने पंजाब और हरियाणा में लगभग दो दर्जन बसों को आग लगा दी थी। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब के मोगा जिले में सतलज एक्सप्रेस की चार बोगियों को भी आग के हवाले कर दिया था।
पुलिस के अनुसार मोगा में कम से कम आठ बसों को आग के हवाले कर दिया गया था। प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा के सिरसा, हिसार, कैथल और फतेहाबाद कस्बों में भी बसों को आग लगाया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था।
पंजाब में भटिंडा, मनसा, बरनाला और फिरोजपुर कस्बों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। दोनों राज्यों में शनिवार को हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था। हरियाणा में जो पुलिस कर्मी होली की छुट्टी पर गए थे, उन्हें वापस बुला लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस सप्ताह के प्रारंभ में डेरा प्रमुख के खिलाफ डेरा के पूर्व प्रबंधक फकीर चंद की 1991 में हुई हत्या के मामले में मामला दर्ज किया था। चंद के शव का आज तक अता-पता नहीं चल पाया है और सीबीआई ने अदालत के आदेश पर इस मामले की जांच की थी।
डेरा प्रमु़ख के अलावा सीबीआई ने डेरा के अन्य चार सदस्यों को भी हत्या, सबूत नष्ट करने और आपराधिक साजिश रचने के लिए आरोपित किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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