पेट्रोल-डीजल मूल्य वृद्धि का डीएमके और तृणमूल ने किया विरोध (लीड-1)
तृणमूल कांग्रेस और डीएमके का यह रुख संप्रग सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "सरकार के इस फैसले से हम खुश नहीं हैं। इस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस संसद में इस मूल्य वृद्धि का विरोध करेगी। "सदन में इस विषय पर हम अपने विचार रखेंगे।"
यह पूछे जाने पर कि क्या बजट प्रस्तावों पर तृणमूल कांग्रेस विपक्ष के साथ है, तो इसके जवाब में बंदोपाध्याय ने कहा, "हमारा विरोध पूरे बजट पर नहीं है। सिर्फ पेट्रोल व डीजल के मूल्य वृद्धि को लेकर हमारा विरोध है।"
उन्होंने कहा कि इस फैसले की मार गरीबों पर पड़ेगी, जो पहले ही से महंगाई की मार झेल रहा है।
उधर, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.करुणानिधि ने
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पेट्रोल व डीजल की बढ़ी कीमतों को वापस लेने का आग्रह किया है।
करुणानिधि ने कहा है कि मुद्रास्फीति से पहले ही आम आदमी परेशान है और अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि होने से लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
करुणानिधि ने शुक्रवार को वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए आम बजट को 'विकास परक' करार दिया था। यद्यपि, मुख्यमंत्री ने कहा कि डीजल की कीमतों में वृद्धि होने से खाद्य पदार्थो के दामों में भी इजाफा होगा।
गौरतलब है कि वर्तमान लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के 19 और डीएमके के 18 सदस्य हैं। संप्रग को समर्थन देने वालों में दोनों ही दल प्रमुख हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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