नेपाल में भारतीय भिक्षु के खिलाफ हत्या का मामला
पिछले 15 वर्षो से नेपाल में रह रहे स्वामी आत्मशुद्धानंद को मंगलवार रात आश्रम के चार अन्य सहयोगियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था।
जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें से दो नाबालिग हैं।
मामले के जांच अधिकारी निरीक्षक गोविंद राम परियार ने कहा कि ऊपरी तौर पर इस हत्याकांड में भिक्षु की भूमिका प्रतीत नहीं होती लेकिन नेपाल के कानून के मुताबिक उन्हें गिरफ्तार किया गया है। अब अदालत फैसला करेगी कि भिक्षु दोषी हैं अथवा निर्दोष।
छह वर्षीय नेपाली लड़के रूपेश गिरी को एक महीने पहले उसकी 23 वर्षीय मां कविता इस आश्रम में लाई थी। कविता राजधानी के एक होटल में काम करती है।
काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर के नजदीक स्थित इस आश्रम में करीब 60 छात्र रहते हैं।
रूपेश गिरी का आश्रम के अन्य छात्रों से झगड़ा हो गया था। भिक्षु के साथ गिरफ्तार दो छात्रों ने पूछताछ में पुलिस से कहा था कि रूपेश गिरी उनके बिस्तर पर सो गया था इसी वजह से उन्होंने उसकी पिटाई की थी।
भारत सेवाश्रम संघ का नेपाल स्थित केंद्र प्रणवानंद आश्रम नाम से प्रसिद्ध है। केंद्र के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद के नाम पर यह नाम रखा गया है। इसकी स्थापना 1917 में हुई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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