भारत ने कहा, समग्र वार्ता के लिए अभी विश्वास बहाली की जरूरत
नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। वर्ष 2008 में मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले के बाद टूटी समग्र वार्ता को दोबारा शुरू करने की पाकिस्तान की इच्छा पर भारत ने गुरुवार को कहा कि इसके लिए सबसे पहले दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की जरूरत है।
इसके अलावा भारत ने पाकिस्तान को तीन अतिरिक्त दस्तावेज सौंपे जिनमें वहां मौजूद आतंकवादियों की भारत विरोधी गतिविधियों का जिक्र है।
अपने पाकिस्तानी समकक्ष सलमान बशीर के साथ बैठक के बाद विदेश सचिव निरुपमा राव ने पत्रकारों को बताया, "पाकिस्तान ने समग्र वार्ता दोबारा शुरू करने की इच्छा जताई है लेकिन हमने कहा है कि इसके लिए यह सही समय नहीं है क्योंकि हमें विश्वास और भरोसे के एक माहौल की आवश्यकता है।"
दोनों विदेश सचिवों ने 90 मिनट तक अकेले में बातचीत की।
बैठक के बाद राव ने कहा, "यह बैठक दोनों देशों के बीच भरोसे की बहाली की दिशा में पहला कदम है। हम इस बात से सहमत हैं कि हमें एक दूसरे से संपर्क बनाए रखकर विश्वास बहाली के प्रयास करने चाहिए।"
उन्होंने कहा कि तीन अतिरिक्त दस्तावेज सौंपकर पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से कहा गया कि वह अपनी जमीन से भारत के विरुद्ध आतंकवादी गतिविधियां चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे।
राव ने कहा, "एक दस्तावेज में मुंबई आतंकवादी हमले से जुड़े लोगों के बारे में जानकारियां हैं। दूसरे में पाकिस्तान में अलकायदा नेता इलियास कश्मीरी की धमकी का जिक्र है और तीसरे में उन वांछितों की सूची है जो भारत में अपराध करके पाकिस्तान में छिपे हैं।"
पाकिस्तान के दिए गए भारतीय वांछितों की सूची के बारे राव ने कहा कि इस सूची के कुछ नामों से पाकिस्तान पहले ही परिचित है जबकि कुछ नए नाम भी शामिल किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से जोर देकर कहा गया है कि वह मुंबई हमले के मुख्य सूत्रधार हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई करे।
आतंकवादी गतिविधियां बंद करे पाकिस्तान : भारत
भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि वह भारत विरोधी आतंकवादी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। उसने कहा कि मुंबई हमले की जांच और इसके षडयंत्रकारियों को दंडित करने के मामले में पाकिस्तान ने ठोस प्रयास नहीं किए हैं।
विदेश सचिव निरुपमा राव ने गुरुवार को पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर के साथ बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पाकिस्तान को अपनी जमीन और अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र से होने वाली सभी आतंकवादी गतिविधियों को बंद करना होगा।
राव ने पाकिस्तान में पांच फरवरी को एक रैली में कुछ संगठनों द्वारा भारत के खिलाफ आतंकवादी कार्रवाई संबंधी बयानों के संदर्भ में कहा, "यह पाकिस्तान का दायित्व है कि वह लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करे।"
राव ने कहा, "मैंने अपने भारतीय समकक्ष से कहा कि आतंकवाद किसी चीज को आगे नहीं बढ़ा सकती है। वह केवल हिंसा को बढ़ा सकती है। यह सभी देशों का दायित्व बनता है कि वह अपनी जमीन से आतंकवादी गतिविधियों को बंद करे। "
दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच हुई बैठक में भारत ने मुंबई पर आतंकवादी हमले के संदिग्ध सूत्रधार हाफिज सईद की गिरफ्तारी की मांग करते हुए हाल में घुसपैठ की घटनाओं के बढ़ने पर चिंता जाहिर की।
राव ने संवाददाताओं से कहा कि बातचीत में नवंबर 2008 में हुए मुंबई हमलों को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि पूरे षडयंत्र का खुलासा करने और दोषियों को सजा देने के मामले में पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए।
मुंबई पर आतंकवादी हमले के बाद पहली बार दोनों देशों के विदेश सचिवों की हैदराबाद हाउस में हुई औपचारिक मुलाकात के दौरान निरुपमा राव और सलमान बशीर के बीच तीन घंटे की वार्ता में सीमा पार आतंकवाद प्रमुख मुद्दा रहा।
बैठक के दौरान भारत ने जमात-उद-दावा के संस्थापक और मुंबई पर हमले के संदिग्ध आरोपी हाफिज सईद की ताजा कारगुजारियों का उल्लेख किया। इस महीने के शुरू में दोनों देशों के बीच वार्ता की घोषणा के बाद से उसने भारत के खिलाफ जहर उगलना तेज कर दिया है।
पाकिस्तान ने उसके खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया। पाकिस्तान की एक अदालत ने मुंबई हमलों में शामिल होने के सबूतों को अपर्याप्त बताते हुए पिछले वर्ष सईद को रिहा कर दिया था।
दूसरी तरफ पाकिस्तान ने कश्मीर विवाद से जुड़े मुद्दों और बलूचिस्तान में विद्रोह भड़काने में भारत का कथित रूप से हाथ होने की बात उठाई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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