आर्थिक समीक्षा : सरकार ने मोटे तौर पर वित्त आयोग की सिफारिशें स्वीकार की
लोकसभा में आर्थिक समीक्षा पेश करते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, "हमने आयोग की सभी बड़ी सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है।"
वित्त मंत्री ने कहा कि वर्तमान में संघीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 30.5 फीसदी है, लेकिन अब उन्हें 1.5 फीसदी अधिक हिस्सेदारी मिलेगी।
इसके अलावा आयोग ने वर्ष 2013-14 तक राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के तीन फीसदी तक लाने और राजस्व घाटे को खत्म करने की सिफारिश की थी।
आयोग ने वर्ष 2012-13 तक राजकोषीय घाटे को घटकर 4.2 फीसदी करने की सिफारिश की है। चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 6.8 फीसदी रहने का अनुमान है।
अर्थशास्त्री विजय केलकर की अध्यक्षता वाले 13वें वित्त आयोग का गठन 13 नवंबर 2007 को राष्ट्रपति के आदेश के तहत किया गया था। आयोग का काम संघीय सरकार और राज्यों के बीच कर के बंटवारे को लेकर सुझाव देना था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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