रेल बजट : किराए में वृद्धि किए बिना 54 रेलगाड़ियों का तोहफा (राउंडअप)

नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। रेल मंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को वित्त वर्ष 2010-11 के लिए पेश 87 हजार करोड़ रुपये के रेल बजट में यात्री किराए में बिना कोई बदलाव किए अनाज, उर्वरक और किरोसीन के ढुलाई किराये में कटौती की घोषणा की। साथ ही उन्होंने दुनिया के दूसरे सबसे बड़े रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए निजी पूंजी के निवेश का प्रस्ताव भी रखा है।

उन्होंने कामगारों, मरीजों, महिलाओं, कुलियों और रेलवे के कर्मचारियों पर अपनी ममता की बारिश करते हुए लंबी दूरी की 54 नई रेलगाड़ियों को चलाने की घोषणा की। उन्होंने 28 नई पैसेंजर रेलगाड़ियों को शुरू करने, 12 रेलगाड़ियों के फेरों में वृद्धि तथा 21 रेलगाड़ियों को और आगे बढ़ाने की घोषणा भी की।

अपने कार्यकाल का दूसरा बजट पेश करते हुए ममता ने रेलवे के निजीकरण से इंकार किया और कहा कि कुछ गेज परिवर्तन की परियोजनाओं में निजी-सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) की जाएगी। उन्होंने नए व्यापारिक मॉडल में सामाजिक प्रतिबद्धता वाले निजी निवेश को प्रोत्साहन देने की बात कही।

लोकसभा में ममता ने कहा, "वर्तमान आर्थिक स्थिति में जब अर्थव्यवस्था विकास के पथ पर लौट रही है, मैं नागरिकों पर कोई बोझ डालना नहीं चाहती हूं।"

उन्होंने कहा, "इसलिए, मैं किसी भी श्रेणी के यात्री किराए में कोई बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं कर रही हूं। इसी तरह मैं माल भाड़े में भी किसी बढ़ोतरी की इच्छुक नहीं हूं।"

ममता ने अगले वित्त वर्ष में 94 स्टेशनों के उन्नतीकरण, दोमंजीली रेलगाड़ियों की शुरुआत, 522 अस्पतालों और निदान केंद्रों की स्थापना, 1000 किलोमीटर नई रेललाइनों का निमार्ण, 10 अधीनस्थ ऑटो केंद्रों की स्थापना, उच्च गति वाले यात्री गलियारे, छह पेयजल संयंत्रों और 10 वर्ष में रेलवे के सभी कर्मचारियों को आवास मुहैया करने का लक्ष्य तय किया है।

उन्होंने कैंसर के मरीजों को तृतीय वातानुकूलित श्रेणी (एसी-3) में निशुल्क यात्रा की सुविधा मुहैया करवाने, महिला यात्रियों की सुरक्षा में वृद्धि और विस्थापित कामगारों के लिए कर्मभूमि रेलगाड़ियां चलाने की घोषणा की।

ममता ने उर्वरक और किरोसिन के ढुलाई किराये में प्रति वैगन 100 रुपये की कटौती कर किसानों और गरीबों को भी राहत देने की कोशिश की है।

लोकसभा में बनर्जी ने कहा, "हमारा लक्ष्य समग्र विकास है।" बनर्जी ने कहा कि इस बजट में उन्होंने परियोजनाओं की महज वाणिज्यिक व्यवहारिकता की जगह सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर दिया है।

रेल मंत्री के इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन पर कुल 87100 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि सकल आय 88,281 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इस तहर चालू वित्त वर्ष में 1,328 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा होगा।

उन्होंने दिसंबर में पेश किए गए दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा, "हमने 'विजन 2020' दस्तावेज में अपने लक्ष्य निर्धारित किए हैं और हम उन्हें हासिल करके रहेंगे।"

उन्होंने कहा, "प्रशासनिक और प्रक्रियागत विलंब निवेशकों को हतोत्साहित करते हैं। हमें इस पर काबू पाने की जरूरत है। मैं इसके लिए विशेष कार्यबल का गठन कर रही हूं, 100 दिनों में प्रस्तावों पर फैसला लेगा।

उन्होंने कहा, "नए व्यापारिक मॉडल के लिए विशेष ढांचा तैयार किया जाएगा। लेकिन हम रेलवे का निजीकरण नहीं करेंगे। भारतीय रेलवे हमेशा सरकार के साथ रहेगी।"

साथ ही उन्होंने निजी क्षेत्र से भारतीय रेलवे के साथ काम करते समय नकरात्मक रुख से दूर रहने को कहा। उन्होंने कहा, "मुझे दुख के साथ कहना पड़ता है कि इस नजरिए को बदलना होगा।"

सुरक्षा का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि अतीत में कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हुई हैं। उच्च स्तरीय प्रौद्योगिकी और कर्मियों को प्रशिक्षण देकर ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं।

मानवरहित रेलवे क्रासिंग्स पर होने वाले हादसों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "पांच वर्ष में हम 13,000 मानवरहित क्रासिंग्स में से 3000 पर चालू वित्त वर्ष में 1000 पर अगले वित्त वर्ष में सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे।"

साथ ही ममता ने अपने गृह प्रदेश पश्चिम बंगाल के लिए कई परियोजनाओं की घोषणा की। वहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

इस बारे में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता गुरुदास दासगुप्ता ने कहा, "मैं खुश हूं कि पश्चिम बंगाल के लिए कई परियोजनाओं की घोषणा की गई है।"

बनर्जी के बजट भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी, विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब भी सदन में मौजूद थे।

बनर्जी चौथी बार रेल बजट पेश कर रही हैं। संप्रग सरकार में यह उनका दूसरा रेल बजट है। भारतीय रेल 64,099 कि लोमीटर के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। कुल 6,906 रेलवे स्टेशनों से करीब 7000 रेलगाड़ियां 1.89 करोड़ लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाती हैं। कुल 4000 मालगाड़ियां 85 करोड़ टन माल की ढुलाई करती हैं।

वित्त वर्ष 2010-2011 के रेल बजट के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं :

-कुछ गेज परिवर्तन परियोजनाओं में लागत के बंटवारे में निजी सार्वजनिक भागीदारी

-दूसरे राज्यों में जाकर काम करने वाले कामगारों के लिए 'कर्मभूमि' रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी

-अहमदाबाद और उधमपुर के बीच नई 'जन्मभूमि' रेलगाड़ियां चलेगी

-रवींद्रनाथ टैगोर की 150वीं जयंती मनाने के लिए 'भारत तीर्थ' विशेष रेलगाड़ी पूरे देश में चलाई जाएगी

-सिक्किम की राजधानी गंगटोक को रेलमार्ग द्वारा रंगपो से जोड़ा जाएगा

-हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर से जम्मू एवं कश्मीर के लेह तक रेल मार्ग का विस्तार किया जाएगा

-अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के डिगलीपुर को रेलमार्ग द्वारा पोर्ट ब्लेयर से जोड़ा जाएगा

- वर्ष 2011 में रवींद्रनाथ टैगोर की 150वीं जयंती पर पश्चिम बंगाल से विशेष रेलगाड़ी बांग्लादेश जाएगी

- 4,411 करोड़ रुपये के आवंटन से वर्ष 2010-11 में विस्तार पर जोर

-छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से रेलवे पर पड़ा 55,000 करोड़ रुपये का बोझ

-वर्ष 2009-10 में सकल आय 88,281 करोड़ रुपये रही

-वर्ष 2009-10 में क्रियान्वयन खर्च 83,440 करोड़ रुपये रहा

- वर्ष 2010-11 के दौरान 87,100 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान

- कश्मीर रेल लिंक को सोपोर तक बढ़ाया जाएगा

- वर्ष 2009-10 में शुद्ध मुनाफा 1328 करोड़ रुपये रहने का अनुमान

- 10 अधीनस्थ ऑटोमोबाइल केंद्रों की स्थापना होगी

- ऊर्जा बचाने वाली 2.2 करोड़ सीएफएल लाइट्स वितरित की गईं

-रेलवे की परियोजनाओं के लिए जमीन लिए जाने वाले परिवार के एक सदस्य को नौकरी देना का नीतिगत फैसला

- उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम माल ढुलाई गलियारे का निर्माण किया जाएगा

- अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त अधिक अस्पताल खोल जाएंगे

-80,000 महिला कर्मचारियों के बच्चों के लिए शिक्षा सुविधाओं का विकास किया जाएगा

-गैंगमेन के लिए विशेष सुविधाओं की स्थापना की जाएगी

-रेलवे की कारपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत लाइसेंसधारी कूलियों के लिए बीमा की सुविधा

-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और रक्षा शोध और विकास संगठन के साथ मिलकर रेलवे शोध केंद्र की स्थापना की जाएगी

-नीतियों के निर्माण में कर्मचारी संगठनों को शामिल किया जाएगा

- चेन्नई स्थिति एकीकृत डिब्बा कारखाना को आधुनिक बनाया जाएगा

- मुंबई में नया डिब्बा मरम्मत केंद्र की स्थापना

-बेंगलुरू में पहियों के डिजाइन, विकास और परीक्षण केंद्र की स्थापना

- महिला यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी

- पांच साल के भीतर सभी मानवरहित रेलवे क्रासिंग को मानव युक्त कर दिया जाएगा

- सड़क ओवरब्रिज के अलावा और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा

- रेलवे सुरक्षा बल में पूर्व सैनिकों की होगी भर्ती

- पांच खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी, हॉकी के विकास के लिए एस्ट्रोटर्फ मुहैया करवाई जाएगी और खिलाड़ियों की नौकरी की व्यवस्था की जाएगी

- राष्ट्रमंडल खेलों में रेलवे मुख्य भागीदार होगा

-यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विशेष प्रस्ताव

-94 स्टेशनों को उन्नत बनाया जाएगा

- निजी-सार्वजनिक भागीदारी के तहत छह नए पेय जल संयंत्र लगाए जाएंगे

- रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक शौचालय बनाए जाएंगे

-लोगों की सहूलियत के लिए और टिकट खिड़की खोली जाएंगी

- आधुनिक सुरक्षा प्रौद्योगिकी पर जोर

-1000 किलोमीटर रेल पटरियों का निर्माण

-नए व्यापारिक मॉडल बनाए जाएंगे

- निजीकरण नहीं, रेलवे सरकार की है लेकिन व्यापारिक समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी

-चालू वित्त वर्ष की 120 में 117 रेलगाड़ियां शुरू हो चुकी हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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