भाजपा अधिवेशन : गांव का अहसास कराती हैं बैलगाड़ियां
भाजपा के इस अधिवेशन को गांव, ग्रामीण, गरीब के साथ गाय को आधार बनाकर ही आयोजन स्थल को रूप दिया गया। यहां दौड़ती बैलगाड़ियों में जुते बैलों के गले में बंधे घुंघरुओं की आवाज गांव की याद करा जाती है। कुशाभाऊ ठाकरे नगर में ही बनाए गए कुशाभाऊ गांव के जरिए एक आदर्श गांव का स्वरूप दिखाने की कोशिश की गई है। इस गांव में ग्रामीणों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं को दिखाने और किसान व खेती के रिश्ते को दर्शाने का प्रयास किया गया है।
इस 'आदर्श गांव' में पहुंचते ही गांव की तस्वीर उभर आती है। गोबर से लिपी धरती, बंधी हुए गाय-बछड़े, लहलहाती फसल, गाजर, मटर, कैंथ, इमली, सहित सब्जियों के ढेर और गेहूं की बालियां गांव की याद ताजा करा जाती है। इतना ही नहीं बैलगाडियां इस नजारे को और मोहक बना जाती है।
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के साथ इस गांव का जायजा लिया और आदर्श गांव की सराहना की। यह गांव अधिवेशन में आने वालों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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