पुणे ब्लास्ट में हुआ आरडीएक्स का इस्तेमाल
केंद्र की ओर से जानी बयान में कहा गया कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगा कि पुणे ब्लास्ट के पीछे किसका हाथ है। आईजी (लॉ एण्ड ऑर्डर) रश्मि शुक्ला ने कहा कि जांच में आतंक निरोधी दस्ते भी जुटे हुए हैं। जल्द ही इसके सुराग निकाल लिए जाएंगे, कि धमाके के पीछे किसका हाथ है।
एक संदिग्ध हिरासत में
मीडिया ने जब उनसे यह सवाल किया कि कहीं इस धमाके के पीछे इंडियन मुजाहिद्दीन का हाथ तो नहीं, तो आईजी पुलिस ने कहा कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगा। इसका खुलासा जांच के बाद ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आतंक निरोधी दस्ते से खबर मिली है कि उनकी टीम ने एक संदिग्ध को धर दबोचा है। फिलहाल पूरी जानकारी नहीं मिल सकी है।
मौके पर मौजूद जांच टीम के अन्य सदस्यों ने बताया कि जिस जगह पर बम रखा था, वहां दीवार में 30 इंच गहरा व 30 इंच चौड़ा गड्ढा हो गया। इससे पता लगता है कि बम में भरा आरडीएक्स कितना तीव्र था। इसके अलावा फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने सबूत जुटाकर प्रयोगशाला को भेज दिए हैं।
और भी धमाके संभव
पुणे में इस धमाके के बाद गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि देश के कई अन्य शहर भी आतंकवादियों के निशाने पर हैं। उन शहरों में दिल्ली, कानपुर और इंदौर प्रमुख हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि अभी और भी धमाके हो सकते हैं, लिहाजा सतर्क रहें। रविवार को इन तीनों समेत देश के सभी बड़े शहरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई।













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