रक्षा प्रणालियों पर 200 अरब डॉलर खर्च करेगा भारत
नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। भारत अगले 12 वर्षो के दौरान रक्षा उपकरणों पर 200 अमेरिकी डॉलर खर्च करेगा। इसके तहत रूस निर्मित पुरानी रक्षा प्रणालियों को बदला जाएगा।
रक्षा मामलों की पत्रिका 'इंडिया स्ट्रेटजिक' द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार इस धनराशि का लगभग आधा हिस्सा वायु सेना के हिस्से जाएगा। वायु सेना के बेड़े से आधे से अधिक लड़ाकू विमानों के साथ ही परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों को हटाए जाने की जरूरत है।
सेना को नई बंदूकों, टैंकों, रॉकेट लांचरों, मल्टी टेरियन व्हिकल्स की जरूरतें हैं तो वहीं नौसेना को पोतों, विमान वाहकों, परमाणु चालित और परमाणु युक्त पनडुब्बियों सहित नए किस्म की पनडुब्बियों की आवश्यकता है।
सेना को सबसे बड़ी जरूरतें हेलीकॉप्टरों की है तो नौसेना को लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और लगभग 100 परिवहन जनित लड़ाकू विमानों के एक बेड़े की जरूरत है।
तीनों सेनाओं के साथ ही तट रक्षक और अर्ध सैन्य संगठनों को भी उपग्रह प्रणालियों और नेट संपर्को की जरूरत है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई में पिछले वर्ष 26 नवंबर को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने महसूस किया है कि संभावित हमलों को रोकने के लिए उसे 24 घंटे और हर कोणों पर अपनी आंखों और कानों को चौकस रखे जाने की जरूरत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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