अफगानिस्तान में नाटो के अभियान में 27 आतंकवादी ढेर
समाचार एजेंसी 'डीपीए' के अनुसार, रविवार को भी तालिबान के गढ़ हेलमंद में गठबंधन सेना का हमला जारी रहा।
दक्षिणी प्रांत के नाद अली और मारजा जिलों में शनिवार को हजारों की संख्या में अमेरिकी, अफगानी और ब्रिटिश सैनिक दर्जनों हेलीकॉप्टरों और बंदरबख्त वाहनों के साथ दाखिल हो गए थे।
साल 2001 में तालिबान शासन के खात्मे के बाद गठबंधन सेना की यह सबसे आक्रामक कार्रवाई है।
नाटो अधिकारियों का दावा है कि अफीम की अवैध खेती के लिए मशहूर इस इलाके में सैनिकों को शुरुआती सफलता मिल रही है। सैनिकों ने अब तक दो जिलों के 13 ठिकानों पर धावा बोला है।
हेलमंद प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता दाउद अहमदी ने कहा कि अभियान सफलतापूर्वक जारी है। उन्होंने कहा कि अब तक 27 आतंकवादी मारे जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि गठबंधन सेना ने 2,500 किलोग्राम विस्फोटक बरामद कर उसे निष्क्रिय कर दिया।
पहले दिन के अभियान में एक ब्रिटिश और एक अमेरिकी सैनिक भी मारे गए थे। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने नाद अली जिले में विस्फोटकों की चपेट में आने से अपने सैनिक की मौत की पुष्टि की है।
मारजा और नाद अली के हजारों स्थानीय लोग प्रांतीय राजधानी लश्करगढ़ की ओर पलायन कर गए हैं। नाटो सेना हालांकि यह आश्वासन दे चुकी है कि वह नागरिकों के नुकसान न होने देने का ध्यान रखेगी।
उधर, तालिबान प्रवक्ता कारी मोहम्मद यूसुफ अहमदी ने एक अज्ञात स्थान से फोन पर कहा कि उनके लड़ाकों ने रविवार को भी हथियार नहीं डाला है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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