लघु फिल्म 'अपना आलू
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। उदारीकरण के बाद खेती में आए बदलावों को समेटती एक लघु फिल्म 'अपना आलू बाजार बेचा' का प्रदर्शन मंगलवार शाम इंडिया हैबिटेट सेंटर में किया गया। पंकज एच. गुप्ता निर्देशित इस फिल्म में गढ़वाल जिले के किसानों के हालात को दिखाया गया है।
ग्रीस में आयोजित आठवें इको फिल्म समारोह में लघु फिल्मों की श्रेणी में पहला पुरस्कार पाने वाली इस फिल्म में मार्मिकता का पुट देते हुए दिखाया गया है कि किस तरह पैसे की चाहत में नई पीढ़ी खेती और पशुपालन से दूर होकर महानगरों की ओर पलायन कर रही है।
बुजुर्गो की पुरानी यादों को समेटती 30 मिनट की यह फिल्म दिखाती है कि कैसे विदेशी बीज और कीटनाशक का उत्पादन करने वाली कंपनियां गांव-गांव में अपनी पैठ बना चुकी हैं। लोग मानते हैं कि इन बीजों से भले ही पैदावार कुछ बढ़ जाए लेकिन इनके साथ कीड़े-मकोड़े भी खेतों में आ जाते हैं। ऐसे में पहले इन कंपनियों से बीज खरीदो और फिर कीड़े-मकोड़ों को खत्म करने के लिए कीटनाशक खरीदो।
इस फिल्म के माध्यम से दिखाया गया है कि पहले किसान बीज के लिए कंपनियों पर आश्रित नहीं थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। पहाड़, गरीबी, बुजुर्गो की पीड़ा, खेती से निराशा, युवाओं का शहरों की ओर पलायन जैसे कई मुद्दों को समेटती इस फिल्म का प्रदर्शन पब्लिक सर्विस ब्रॉडकास्टिंग ट्रस्ट की ओर से किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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