सुरक्षा संबंधी खतरों से निपटने के लिए सम्मलित प्रयास जरूरी : प्रधानमंत्री (लीड-1)
आंतरिक सुरक्षा पर नई दिल्ली में मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "अत्यंत सतर्कत तथा केंद्र व राज्य सरकारों के निरंतर और समन्वित प्रयासों की जरूरत है। हमें समय-समय पर प्रणालियों की समीक्षा करनी होगी और देश व नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।"
प्रधानमंत्री ने जम्मू एवं कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकवाद, जनजातीय बहुल इलाके में नक्सली हिंसा और सांप्रदायिक ताकतों को देश के लिए सबसे बड़ा खतरा करार दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा, "आप सभी सुरक्षा संबंधी प्रमुख खतरों से वाकिफ हैं। विरोधी गुट और तत्व देश में आतंकवादी गतिविधियों का संचालित कर रहे हैं। वे हमारे देश में आतंकवादी गतिविधियां फैलाने की साजिश रच रहे हैं। जम्मू एवं कश्मीर इन गुटों की कार्रवाई का खामियाजा भुगत रहा है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर में उग्रवाद और हिंसक घटनाएं हो रही हैं। कई राज्य नक्सलवाद से प्रभावित् हैं, जिन्हें उन्होंने पहले भी देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा करार दिया था। उन्होंने कहा कि कुछ लोग समाज को सांप्रदायिक और क्षेत्रीय आधार पर बांटना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, "इन सभी खतरों से निपटने के लिए दृढ़ संकल्प और सतत निगरानी की जरूरत है। हमारे समाज के लिए इन खतरों से हमें हर कीमत पर निपटना होगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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