तनाव को लेकर बच्चों का संवेदनशील होना बुरी बात नहीं
शोधकर्ताओं के अनुसार तनाव या अन्य व्यवहार जनित और स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से अपने साथियों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील रहने वाले बच्चों को अगर सहयोगात्मक वातावरण मिले तो वे बहुत क्षमतावान बनकर उभरते हैं।
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर जेलिना ओबराडोवी कहती हैं कि शिक्षकों और माता-पिता के लिए ऐसे संवेदनशील बच्चों की परवरिश काफी चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन यदि इनका पालन-पोषण ठीक तरह से किया जाए और प्रोत्साहित करने वाला वातावरण मिले तो इनकी योग्यता और क्षमता में आश्चर्यजनक तरीके से बढ़ोतरी होती है।
शोधकर्ताओं ने केजी में पढ़ने वाले 338 बच्चों, उनके परिवारों और शिक्षकों के बीच पता लगाया कि पारिवारिक परेशानी और बच्चों की जैविक संवेदनशीलता का उनके विकास पर कैसे असर पड़ता है।
शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि यदि परिवार में तनावपूर्ण माहौल है और बच्चों की रोजमर्रा जिंदगी बहुत चुनौतीपूर्ण है, तो ये जैविक रूप से बहुत संवेदनशील हो जाते हैं।
इसके विपरीत यदि इन बच्चों को कम तनावपूर्ण माहौल मिले और इनकी बेहतर तरीके से देख-रेख की जाए तो इनका विकास बहुत तेजी से होता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications