नालंदा में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध धर्म सम्मेलन प्रारंभ (लीड-1)
इस सम्मेलन में भाग लेने आए क़े जी़ बुद्धिस्ट सोसाइटी के निदेशक डॉ़ शंकर नारायणन ने बताया कि बिहार में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि बदलाव के कारण ही आज विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने बताया कि बिहार में बौद्ध धर्म से जुड़े कई स्थल हैं जहां विदेशी पर्यटक आ रहे हैं। उन्होंने ऐसे धर्म सम्मेलन को प्रति वर्ष कराने पर बल दिया।
बिहार के पर्यटन मंत्री राम प्रवेश राय ने कहा कि बिहार में विदेशी पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में अब तक 4़12 लाख विदेशी पर्यटक बिहार आ चुके हैं जबकि पिछले वर्ष इनकी कुल संख्या 3़ 45 लाख थी। उन्होंने संभावना व्यक्त की कि इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद यह संभव है कि बिहार विदेशी पर्यटकों के आगमन के मामले में गोवा को पीछे कर दे।
सम्मेलन स्थल पर शाम को विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन करते हुए राज्य के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में पहली बार आयोजित होने वाले इस सम्मेलन से बिहार में पर्यटकों की संख्या में और वृद्घि होगी। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन बिहार में पर्यटन उद्योग का नया आयाम देगा।
उन्होंने बताया कि राज्य में पर्यटकों के लिए विकसित की गई आधारभूत संरचना की जानकारी भी इस सम्मेलन में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत में खासकर बिहार में बुद्घिस्ट स्थलों की भरमार है और इसे विकसित कर पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार कृतसंकल्प है और हाल ही में इसी उद्देश्य के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा, गया तथा वैशाली में प्रवास किया तथा समस्याओं को नजदीक से जाना था।
उल्लेखनीय है कि पटना से 110 किलोमीटर दूर नालंदा स्थित ह्वेनसांग मेमोरियल हॉल में आयोजित इस सम्मेलन में भगवान बुद्ध से संबंधित एक प्रदर्शनी भी लगायी गई है जिसमें भगवान बुद्घ के कायरें और उनके जीवन को चित्रों के माध्यम से दिखाया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications