उप्र के खेल मंत्री के खिलाफ जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) को निर्देश दिए हैं कि चित्रकूट निवासी निजी चिकित्सक प्रबल प्रताप पाल द्वारा मंत्री व उनके परिवार के खिलाफ लगाए गए इन आरोपों की जांच करे, जिनमें प्रबल ने कहा था कि 50 लाख रुपये की दहेज की मांग पूरी करने में असमर्थता जताने पर उनकी बेटी से मंत्री ने अपने बेटे की शादी तोड़ दी थी।
एलआईयू के एक अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर एलआईयू विशेष शाखा के अधिकारी एन.के.सिंह को मामले की जांच सौंपी गई है। सिंह ने बकायदा मामले की जांच भी शुरू कर दी है। गुरुवार को उन्होंने मंत्री के बेटे और प्रबल की बेटी की सगाई के फोटोग्राफ और वीडियो सीडी और समारोह में खर्च किए गए व्ययों के बिल एकत्र किए।
इससे पहले चित्रकूट के कर्वी थाने में मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अदालत के निर्देशानुसार पाल, उनके बेटे ओम दत्त पाल, भाई राज कुमार पाल, दो बेटियों, पत्नी और भाई की पत्नी के खिलाफ बुधवार देर रात दहेज अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। जिला पुलिस की तरफ से इस मामले की जांच कर्वी के क्षेत्राधिकारी उदय शंकर को सौंपी गई थी।
अदालत में दायर याचिका में प्रबल प्रताप ने आरोप लगाया था कि अक्टूबर 2008 में उनकी बेटी की सगाई मंत्री के बेटे ओम दत्त पाल से हुई थी। एक साल तक शादी टालने के बाद दिसंबर 2009 में मंत्री ने 50 लाख रुपये की मांग की। दहेज दे पाने में असमर्थता जताने पर उन्होंने बेटे की शादी दूसरी जगह तय कर दी।
प्रबल प्रताप ने बताया कि उन्होंने न्यायालय में मंगनी कार्यक्रम के कई ऐसे सबूत पेश किए जिनसे साबित होता था कि मंत्री और उनके परिवार को पांच लाख रुपये से अधिक के तोहफे दिए गए थे। याचिकाकर्ता के मुताबिक मंगनी का कार्यक्रम चित्रकूट जिले के कर्वी टूरिस्ट बंगले में सात अक्टूबर 2008 को संपन्न हुआ था, जिसमें उन्होंने पांच लाख रुपये खर्च किए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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