मनमोहन और चिदंबरम ने कांग्रेस कार्यसमिति में रखे विचार
नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शुक्रवार को कांग्रेस कार्यसमिति में जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में कमी लाने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही सिंह ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को चुस्त करें।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने यह उम्मीद भी जाहिर की कि जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें अगले कुछ सप्ताहों में नीचे आ जाएंगी।
सीडब्ल्यूसी में मूल्य वृद्धि पर चर्चा की गई और सदस्यों ने कीमतें नीचे लाने के लिए सरकार को अपने सुझाव दिए।
लगभग तीन घंटे तक चली इस बैठक में प्रधानमंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने हिस्सा लिया। इस विस्तृत कार्यसमिति की बैठक में स्थायी आमंत्रित सदस्यों के अलावा कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों ने भी हिस्सा लिया।
कांग्रेस सूत्रों ने कहा है कि कुछ सदस्यों ने सरकार से कहा कि उसे किसानों और उपभोक्ताओं के बीच उपस्थित बिचौलियों की कड़ी को कम करने के लिए कदम उठाने चाहिए। सदस्यों ने कहा कि किसानों से उनके उत्पाद बहुत सस्ते दर पर खरीदे जाते हैं, जबकि उपभोक्ताओं को उन उत्पादों के लिए ऊंची कीमतें अदा करनी पड़ती है। ऐसे में बीच के मुनाफाखोरों को हटाए जाने की जरूरत है।
चिदंबरम ने बैठक में आंध्र प्रदेश को विभाजित कर नए तेलंगाना राज्य के गठन पर सरकार की प्रतिक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर गठित की गई समिति के कार्यक्षेत्र को जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
सूत्रों ने कहा कि रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी ने महाराष्ट्र में शिव सेना द्वारा उठाए जा रहे भाषाई मुद्दे के संदर्भ में राज्य की स्थिति के बारे में जानकारी दी। एंटनी पार्टी में महाराष्ट्र के प्रभारी हैं।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के महाराष्ट्र व पुडुचेरी दौरे की वजह से दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार बैठक के लिए कोई एजेंडा जारी नहीं किया गया था।
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब शनिवार को प्रधानमंत्री ने महंगाई के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है।
गुजरात, मध्य प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्री महंगाई के लिए केंद्र में सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं। इन राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें हैं।
कांग्रेस का एक धड़ा बढ़ती महंगाई के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार पर निशाना साध रहा है। इस पर पवार ने कहा है कि कीमत संबंधी नीति पर फैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल में लिया जाता है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और वाम दल महंगाई के मुद्दे पर संसद के बजट सत्र में कांग्रेस को घेरने की योजना बना रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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