हर हमले को नस्लवादी मत बताइए : आस्ट्रेलिया (लीड-1)
मेलबर्न/नई दिल्ली, 3 फरवरी (आईएएनएस)। आस्ट्रेलिया ने बुधवार को भारतीय मीडिया की आलोचना करते हुए कहा कि मीडिया को थोड़ी संतुलित खबरें देनी चाहिए।
आस्ट्रेलिया की ओर से यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब एक भारतीय द्वारा अपने ऊपर हमले का किया गया दावा झूठा साबित हुआ है। उस भारतीय ने गलत तरीके से बीमे का दावा करने के लिए अपनी कार को आग लगाई थी, लेकिन दुर्घटनावश वह उसमें स्वयं झुलस गया था।
विक्टोरिया राज्य के प्रमुख जॉन ब्रम्बी और भारत में आस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त पीटर वर्गीज ने भारतीयों पर हो रहे हमले को नस्लीय रंग देने पर आपत्ति जताई है और कहा है कि इससे आस्ट्रेलिया की छवि पर नकारात्मक असर पड़ा है।
ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब पुलिस ने जसप्रीत पर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने और वित्तीय लाभ के लिए खुद पर आपराधिक हमला करने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने दावा किया है कि जसप्रीत ने 11,000 आस्ट्रेलियाई डॉलर का मुआवजा हासिल करने के लिए अपनी कार में आग लगाने का प्रयास किया लेकिन दुर्घटनावश खुद जल गया था। लेकिन जसप्रीत ने आठ जनवरी को दावा किया था कि उसके घर के पास अज्ञात हमलावरों ने उसे जलाने की कोशिश की।
ब्रम्बी ने मेलबर्न में संवाददाताओं से कहा, "मैं समझता हूं कि मैं कुछ टिप्पणी करूंगा और भारतीय मीडिया में उसे कुछ अलग रूप में लिया जाएगा। और इसमें भारत सरकार के कुछ प्रतिनिधि भी शामिल हैं।"
ब्रम्बी ने रंजोध सिंह की मौत का भी हवाला दिया। सिंह का शव पिछले वर्ष 29 दिसंबर को न्यू साउथ वेल्स में सड़क किनारे पाया गया था।
समाचार एजेंसी एएपी ने ब्रम्बी के हवाले से कहा है, "मैं समझता हूं कि अब इस बात का जिक्र करने की आवश्यकता है कि रंजोध सिंह की हत्या में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, वे दोनों व्यक्ति भारतीय हैं।"
ब्रम्बी ने आगे कहा है, "इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि भारतीय मीडिया में हो रही रिपोर्टिग में और जारी बहसों में कुछ संतुलन होना चाहिए। लेकिन वह संतुलन फिलहाल वहां नहीं है।"
इधर, भारत में आस्ट्रेलियाई राजदूत पीटर वर्गीज ने कहा, "आस्ट्रेलिया में हिंसा और नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है।"
वर्गीज ने कहा कि जसप्रीत सिंह ने दावा किया था कि हमलावरों ने उसे मेलबर्न स्थित उसके मकान के पास जलाने का प्रयास किया। इसे पूरी दुनिया में एक नस्लीय हमला माना गया। इससे भारत में आस्ट्रेलिया की छवि को गहरा धक्का लगा। इससे इस धारणा को बल मिला कि आस्ट्रेलिया में भारतीयों को नस्लीय हमले का शिकार बनाया जा रहा है।
जसप्रीत को बुधवार सुबह एक अदालत में पेश किया गया और उसे जमानत दे दी गई। उसे 15 मार्च को मेलबर्न की अदालत में पेश होना है।
वर्गीज ने कहा कि रंजोध सिंह की हत्या के आरोप में 29 जनवरी को तीन भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी सभी के लिए एक सबक होनी चाहिए और आस्ट्रेलिया में किसी भी भारतीय नागरिक के साथ कुछ बुरा घटित होने पर नस्लीय हमले का राग नहीं अलापना चाहिए।
भारतीयों पर हमलों की घटनाओं के कारण आस्ट्रेलिया का शिक्षा राजस्व प्रभावित हुआ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन महीनों में व्यावसायिक कालेजों में विदेशी छात्रों के आवेदनों पर इन हमलों का नकारात्मक असर पड़ा है।
सरकार द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों में दिखाया गया है कि हाल में भारतीय छात्रों पर हमलों से एक शिक्षा केंद्र के रूप में आस्ट्रेलिया की साख प्रभावित हुई है और विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश चाहने वाले छात्रों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है।
बहरहाल भारत से मिलने वाले आवेदनों में भारी गिरावट के बावजूद वर्ष 2009 में अक्टूबर से दिसम्बर के बीच आव्रजन विभाग को 28,403 छात्र वीजा आवेदन हासिल हुए।
समाचार पत्र 'द एज' के अनुसार जहां हर क्षेत्र में छात्रों के वीजा आवेदन में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है वहीं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए आवेदनों में 38 प्रतिशत की गिरावट आई है।
शिक्षा आस्ट्रेलिया का चौथा सबसे बड़ा निर्यात उद्योग है। पिछले वर्ष शिक्षा क्षेत्र की आय 17 अरब डॉलर थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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