कुमारतुंगा ने दिया राजपक्षे को झटका

श्रीलंका के मौजूदा राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को मंगलवार को होने जा रहे चुनाव से ठीक पहले उस समय बडा़ झटका लगा जब पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा ने चुनाव में उनके प्रतिद्वंद्वी को अपने समर्थन का ऐलान कर दिया.
राजपक्षे की श्रीलंका फ़्रीडम पार्टी की वरिष्ठ सदस्य होने के बावजूद चंद्रिका कुमारतुंगा ने पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल सरथ फ़ोनसेका को समर्थन देने की घोषणा की है.
जनरल फ़ोनसेका को समर्थन की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा, "चार साल तक चुप रहने के बाद मैंने ये फ़ैसला किया है क्योंकि हिंसा और क़ानून-व्यवस्था की गिरती स्थिति को लेकर मैं बेहद चिंतित हूँ."
उनका कहना था, "पिछले कुछ सालों में हमारी पार्टी को नुक़सान हुआ है और मुझे लगता है कि वर्तमान व्यवस्था को बदल कर इसके फिर से उद्धार का एक अवसर मिला है."
चुनाव प्रचार के दौरान विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया था कि वो दोबारा सरकार में बने रहने का षड्यंत्र कर रहा है.
आरोप हालांकि सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि वो अपनी संभावित हार को देखते हुए इस तरह के आरोप लगा रहा है.
हालांकि सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि वो अपनी संभावित हार को देखते हुए इस तरह के आरोप लगा रहा है.
जहाँ तक चंद्रिका कुमारतुंगा की बात है तो वे श्रीलंका फ़्रीडम पार्टी की संस्थापक सदस्य हैं और उनके परिवार को अब भी देश में व्यापक जनसमर्थन हासिल है.
चंद्रिका कुमारतुंगा 1994 से 2005 तक खु़द भी देश की राष्ट्रपति रह चुकी हैं.
पिछले साल मई में एलटीटीई को हराने में राष्ट्रपति राजपक्षे और जनरल फ़ोनसेका ने मिलकर काम किया था लेकिन उसके बाद दोनों के संबंधों में खटास आ गई.
शनिवार को चुनाव प्रचार का आख़िरी दिन था और इन दोनों ही प्रमुख प्रत्याशियों ने अपनी आख़िरी रैलियाँ आयोजित की थीं.
चुनाव प्रचार के दौरान हुए संघर्ष में चार लोगों की मौत हो गई और सौकड़ों लोग घायल भी हो गए. चुनाव मंगलवार को होंगे और परिणाम बुधवार तक आने की संभावना है.












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