कश्मीर में प्रीपेड मोबाइल सेवा से प्रतिबंध समाप्त (लीड-1)
यह प्रतिबंध पिछले वर्ष नवंबर में सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए लगाया था। सरकार के इस कदम की राज्य की जनता तथा सरकार ने एक स्वर में आलोचना की थी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, "हमने दूरसंचार ऑपरेटर्स से प्रीपेड सिमकार्ड जारी करते समय ग्राहकों की पहचान की सख्ती से पड़ताल करने को कहा है।"
गृह मंत्रालय, दूरसंचार मंत्रालय और राज्य सरकार तथा मोबाइल टेलीफोन सेवा प्रदाताओं के बीच पिछले एक महीने से जारी कई दौर की बातचीत के बाद प्रतिबंध हटाने का फैसला बुधवार देर रात लिया गया। यहां तक कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय तक ले जाया गया।
दूरसंचार मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "इन चर्चाओं के आधार पर दूरसंचार मंत्रालय ने वर्तमान मोबाइल फोन ग्राहकों की दोबारा से पुष्टि तथा प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों ही तरह के सिम-कार्डस के नए ग्राहकों की पुष्टि करने के लिए नए दिशा-निर्देश निर्धारित किए।"
बयान में कहा गया है कि मोबाइल सेवा प्रदाता को नए दिशा-निर्देशों का चतुराई से पालन करना होगा। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार :
-प्रत्येक वर्तमान प्रीपेड ग्राहक की पहचान के प्रमाण और पते के माध्यम से दोबारा से पुष्टि की जाएगी।
-छात्रों, सरकारी कर्मचारियों और सुरक्षाबलों के कर्मियों को अपने विभागीय प्रमुखों से पहचान प्रमाणपत्र लेना होगा।
-विवरण पुलिस और दूरसंचार कार्यालय के पास पुष्टि के लिए भेजा जाएगा और इनसे नकारात्मक रिपोर्ट मिलने पर वर्तमान सिम कार्ड रद्द कर दिया जाएगा या फिर नया कनेक्शन जारी ही नहीं किया जाएगा।
-जब तक जरूरी न हो तब तक एक से ज्यादा कनेक्शन नहीं दिए जाएंगे।
नए परामर्श में कहा गया है, "सामान्यतया किसी भी व्यक्ति को एक से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन नहीं दिया जाएगा, चाहे वह प्रीपेड हो या पोस्टपेड।"
दूसरा कनेक्शन या एक से ज्यादा कनेक्शन पाने के इच्छुक व्यक्ति को सभी मोबाइल फोन नंबरों की जानकारी देने और ज्यादा कनेक्शन लेने की वजह बताने को कहा जाएगा। ज्यादा कनेक्शन पाने के इच्छुक लोगों की पुष्टि की प्रक्रिया और भी सख्त होगी।
कुछ सिम कार्ड्स का इस्तेमाल आतंकवादी एक-दूसरे के संपर्क में रहने तथा बारूदी सुंरग विस्फोट करने के लिए करते आए हैं।
जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रतिबंध पर अप्रसन्नता जाहिर की थी और यह मसला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समक्ष भी उठाया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications