अमरीका ने हेती में सहायता गिरानी शुरू की
अमरीकी सेना ने भूकंप प्रभावित हेती में विमानों से पानी और खाद्य सामग्री गिराना शुरू कर दिया है.
शुरू में माना जा रहा था कि ये जोखिम भरा हो सकता है.
अमरीकी सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि 14 हज़ार तैयार भोजन के पैकेट और 15 हज़ार लिटर पानी राजधानी पोर्ट ओ प्रिंस के सुरक्षित इलाक़े में गिराया गया.
सैन्य अधिकारी पूरे हेती में विमान से राहत सामग्री गिराने पर विचार कर रहे हैं.
हेती में एक हज़ार अमरीकी सैनिक तैनात किए गए हैं और दो हज़ार अमरीकी मेरीन्स वहाँ पहुँच रहे हैं.
उनके पास मलबे को हटाने के लिए भारी उपकरण हैं, साथ ही हेलिकॉप्टर और मेडिकल दलों का सहयोग हासिल है.
अमरीकी सैनिकों से आने से पहले हेती में भारी लूटपाट और हिंसा हुई थी.
सुरक्षा चिंताएँ
हालांकि संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता के प्रमुख जॉन होम्स ने सुरक्षा चिंताओं को कम करने की कोशिश की.
उनका कहना था कि हिंसा के बावजूद कुलमिलाकर स्थिति शांतिपूर्ण है.
इसके पहले हेती में मौजूद एक वरिष्ठ अमरीकी जनरल का कहना है कि मंगलवार को आए भूकंप में मरने वालों की संख्या दो लाख तक पहुँच सकती है.
लेफ़्टिनेंट जनरल कीन ने कहा कि भूकंप ने भारी तबाही मचाई है. उन्होंने कहा कि मानवीय क्षति के आकलन में और समय लग सकता है.
बचावकर्मी अब भी कई जगह मलबों के नीचे लोगों के फँसे होने की आशंका जता रहे हैं.
जनरल कीन से जब पूछा गया कि डेढ़ से दो लाख लोगों के मरने की बात हो रही है तो उनका कहना था, "मुझे लगता है कि ये शुरुआत है."
अब तक कम से कम 70 हज़ार शवों को दफ़नाया जा चुका है.
सोमवार को यूरोपीय संघ ने हेती को मदद के रुप में 60 करोड़ डॉलर देने की घोषणा की.
यूरोपीय आयोग वहां सुरक्षा मिशन स्थापित करने पर भी विचार कर रहा है ताकि क़ानून और व्यवस्था बहाल रखने में मदद मिल सके.
रविवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने हेतीवासियों से धैर्य रखने की अपील की.












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