अप्रैल में सहकारी मसालों की महक से महकेगा जयपुर
शर्मा ने बताया कि जयपुरवासियों द्वारा प्रति वर्ष सहकार मसाला मेले की प्रतीक्षा की जाती रही है। सहकार मसाला मेले में राज्य में उत्पादित मसालों के साथ-साथ अन्य प्रदेशों के मसाले भी वहां की सहकारी संस्थाओं के माध्यम से या राज्य की सहकारी संस्थाओं द्वारा मंगवा कर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जायेगी। इससे सभी स्थानों के प्रसिद्घ मसाले जयपुरवासियों को एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगे।
सहकारी रजिस्ट्रार ने बताया कि प्रदेश में मसाला बीज उत्पादन को बढ़ावा देने और जयपुरवासियों को शुद्घ मसाले उचित दर पर उपलब्ध कराने के लिए सहकारिता विभाग ने मसाला मेले के आयोजन की पहल शुरु की है। उन्होंने बताया कि सहकारिता विभाग द्वारा जयपुर में दो राष्ट्रीय सहकार मेलों का आयोजन किया जाता है, जिसमें दिसम्बर माह में राष्ट्रीय सहकार मेला व अप्रेल में राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला शामिल है।
उन्होंने बताया कि जयपुरवासियों द्वारा भी सहकार मसाला मेले की प्रतीक्षा रहती है। सहकार मसाला मेला प्रदेश में अब शुद्घता के लिये पहचाना जाने लगा है। इसके साथ ही लोगों में इसकी विश्वसनीयता भी बनी है। उन्होंने बताया कि इस साल सहकार मसाला मेले को नया लुक दिया जायेगा। मसाला मेले में साबुत व पीसे हुए मसालों के साथ ही मौके पर ही मसाले पीस कर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जायेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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