हिंसक दिनों की ओर लौटना नहीं चाहता है आम कश्मीरी

श्रीनगर, 19 जनवरी (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में गत कुछ दिनों में हिंसक घटनाओं में आई तेजी से स्थानीय लोग खुश नहीं हैं। वे एक बार फिर से घाटी में हिंसक घटनाओं का गवाह बनना नहीं चाहते।

राज्य में गत एक पखवाड़े में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ की सात घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार हो रही हिंसक वारदातों से आम कश्मीरी बेहद चिंतित हैं।

स्थानीय कॉलेज के एक शिक्षक महमूद ने कहा, "मुझे पता नहीं है कि राज्य में आतंकवादी घटनाओं में इतनी तेजी क्यों हुई है। मैंने अपने बच्चों से कहा है कि वे हर दिन अंधेरे से पहले घर लौट आएं।"

एक विद्यालय में शिक्षक शबीर अहमद ने कहा, "मेरी बेटी बाजार से सामान खरीदना चाहती हैं लेकिन मैं सहमा हुआ हूं क्योंकि पता नहीं कब और कहां हमले हो जाएंगे।"

उधर, प्रशासन आतंकवादी हमलों को लेकर बेहद सतर्क हैं। रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी खुद राज्य में सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा था कि जनवरी के पहले हफ्ते में राज्य में हिंसक घटनाओं में तेजी आई है।

आगामी गणतंत्र दिवस को लेकर भी राज्य में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। राज्य के पुलिस प्रमुख कुलदीप खोडा ने कहा कि सुरक्षा बलों को अलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा, "हम किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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