हैती में राहत कार्य तेज़ हुआ

कैरिबियाई देश हेती में भूकंप पीड़ितों के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से राहत और बचाव कार्य धीरे-धीरे तेज़ हो रहा है. वहाँ मलबे में दबे लोगों को निकालने की पर्याप्त व्यवस्था का अभाव है और जो लोग निकाले जा चुके हैं वो चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ रहे हैं.
इस बीच विकसित देशों के बीच इस बात पर सहमति बन रही है कि हेती के पुनर्निर्माण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय दानदाता सम्मेलन बुलाया जाए. इस बीच रेडक्रॉस ने कहा है कि भूकंप से मरने वालों की संख्या 50 हज़ार तक हो सकती है.
इससे पहले हेती के प्रधानमंत्री जीन मैक्स बेलेरिवे ने कहा था कि मंगलवार की शाम आए भूकंप में मरने वालों की संख्या एक लाख से अधिक हो सकती है.
राहत और बचाव कार्य
मंगलवार को आए भूकंप ने हेती की राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस को तहस नहस कर दिया है. वहाँ संसद भवन से लेकर स्कूल और अस्पताल तक बहुत कुछ ध्वस्त हो गया है.
सैकड़ों लोगों के अभी भी मलबों में फंसे होने की आशंका है. सड़कों के किनारे अभी भी शवों के ढेर लगे हुए हैं. बचे हुए लोग वहाँ लोग लगातार तीसरी रात आसमान के नीचे गुज़ारने की तैयारी कर रहे हैं.
कई देशों से पहुँचने वाली राहत सामग्री विमानतल तक तो पहुँच गई है लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस राहत के विमानतल से बाहर निकलकर शहरों में आम नागरिकों तक पहुँचने के संकेत अभी भी कम मिल रहे हैं. उनका कहना है कि चिकित्सा सुविधाएँ इतनी कम हैं कि वो लोग भी मौत के मुँह में समा रहे हैं जिनका इलाज किया जा सकता था.
ऐसी आपदाओं में सहायता पहुंचाने वाली सबसे बड़ी एजेंसी संयुक्त राष्ट्र ख़ुद मुसीबत में है. हेती में शांति मिशन का मुख्यालय ध्वस्त हो चुका है. संयुक्त राष्ट्र ने अब तक अपने 36 कर्मचारियों की मौत की पुष्टि की है. उसका कहना है कि अभी भी 188 लोग लापता हैं.
कई देशों ने राहत और बचाव दल, डॉक्टर और दवाइयाँ भेजी हैं. आपात स्थिति के लिए खाद्य सामग्री भी पहुँची हैं. पोर्ट-ओ-प्रिंस के अंतरराष्ट्रीय विमान तल पर अलग-अलग देशों से राहत सामग्री लेकर विमानों के आने का सिलसिला जारी है. लेकिन अब अधिकारियों ने अनुरोध किया है कि और विमान न भेजें जाएँ क्योंकि अब विमानतल पर और विमानों के लिए जगह ही नहीं है.
सहायता
विश्व बैंक ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वह हेती के पुनर्निर्माण के लिए दल करोड़ डॉलर की सहायता देगा. उधर फ़्रांस सरकार ने कहा है कि वह अमरीका, ब्राज़ील और कनाडा के इस प्रस्ताव से सहमत है कि हेती के पुनर्निर्माण के लिए एक दानदाता देशों का एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन किया जाए.
फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी और अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस संबंध में फ़ोन पर चर्चा भी की है. राष्ट्रपति ओबामा ने कह चुके हैं कि अमरीकी हेती में इतिहास का सबसे बड़ा राहत और बचाव अभियान चलाएगा. उन्होंने कहा है कि हज़ारों सैनिक वहाँ भेजे जा चुके हैं और अमरीका की ओर से दस करोड़ डॉलर की राहत राशि भी दे रहा है.
इसके अलावा चीन और ऑस्ट्रेलिया भी लाखों डॉलर की सहायता भेज रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र में मानवीय मामलों के उप महासचिव जान एगीलैंड ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा, "हेती की हालत पहले से ही इतनी ख़राब है कि वहाँ प्रशासन अंतरराष्ट्रीय सहायता पर निर्भर है."
उनका कहना है, "जब दुनिया भर के बहुत से देशों की सरकारें और सहायता एजेंसियाँ इतनी सामग्री भेज रही हैं तो सबसे बड़ा ख़तरा दोहराव और भ्रम पैदा हो जाने का है." उन्होंने कहा कि अभी भी हज़ारों लोग मलबों के नीचे दबे हुए हैं और सहायता अभी भी वहाँ पहुँच सकी है जो भूकंप से सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाक़े हैं और वहाँ बहुत कुछ किया जाना बाक़ी है.












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