सूर्यग्रहण: दिल्ली में खगोलीय नजारे को लेकर उत्साह
दिल्ली में आंशिक सूर्य ग्रहण ही दिखने के बावजूद इस दिव्य नजारे को देखने के लिए लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं है। यहां सुबह 11.53 बजे से दोपहर बाद 3.11 बजे तक इसे देखा जा सकेगा।
दोपहर 1.39 बजे सबसे अधिक 53 प्रतिशत तक सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा। नेहरू तारा मंडल में और एमेच्योर एस्ट्रोनॉमर्स एसोसिएशन ने लोगों को यह अनोखा नजारा दिखाने की व्यवस्था की है।
कुंडलाकार सूर्य ग्रहण तब होता है जब सूर्य और चंद्रमा एक सीधी रेखा में होते हैं लेकिन चंद्रमा की छाया सूर्य की परिधि की अपेक्षा छोटी होती है। इस प्रकार चंद्रमा से ढका हुआ सूर्य 'वलयाकार' के रूप में नजर आता है और चंद्रमा की छाया के चारों ओर से सूर्य की किरणें निकलती हुई दिखाई देती हैं।
इस बार सूर्यग्रहण पूर्ण नहीं है लेकिन चांद पूरी तरह से सूर्य को ढक लेगा, जिससे सूरज का सिर्फ किनारे का हिसा ही एक छल्ले के तौर पर देखा जा सकेगा।
आम बोलचाल की भाषा में इसे 'गोल्डन रिंग' या 'रिंग ऑफ फायर' कहते हैं, जबकि पूर्ण सूर्यग्रहण होने पर 'डायमंड रिंग' बनती है। देश में 22 नवंबर 1965 को 'रिंग ऑफ फायर' देखा गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications