वैकल्पिक राजनीति के लिए 'राष्ट्रवादी दृष्टिपत्र' जारी
राजधानी के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम में गोविंदाचार्य ने इस मौके पर कहा कि सरकार की अमेरिका परस्त नीतियों के चलते गरीब आदमी आज बिल्कुल हाशिए पर पहुंच गया है और उसकी पीड़ा को सुनने, समझने की फुर्सत और दृष्टि किसी भी राजनीतिक दल के पास नहीं है।
'राष्ट्रवादी दृष्टिपत्र' को वैकल्पिक राजनीति का वैचारिक दस्तावेज बताते हुए गोविंदाचार्य ने कहा कि इस दस्तावेज में इस बात की पड़ताल की गई है कि देश की राजनीति को देश की तासीर और तेवर के मुताबिक कैसे चलाया जा सकता है।
इस मौके पर मौजूद वरिष्ठ पत्रकार वेदप्रताप वैदिक, रामबहादुर राय, पूर्व लोकसभा सचिव सी.के. जैन, पनून कश्मीर के नेता अजय चिरंगू, स्तंभकार अवधेश कुमार आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अधिकांश वक्ताओं ने गोविंदाचार्य से वैकल्पिक राजनीति के लिए एक नए राजनीतिक दल के गठन का आग्रह किया, जिस पर गोविंदाचार्य ने कहा कि यह 'राष्ट्रवादी दृष्टिपत्र' नए राजनीतिक दल के गठन की दिशा में ही एक प्रयास है।
उन्होंने कहा कि वे इस दृष्टिपत्र को देशभर के बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भेजकर उनसे इस पर उनकी राय आमंत्रित करेंगे और फिर जो आम राय उभरकर आएगी उसके अनुरूप आगे कदम बढ़ाया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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