गोवा पुलिस मादक द्रव्यों के धंधे के दायरे से अनजान
आपराधिक मामलों की सालाना समीक्षा से जुड़े एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने एक उत्तर में कहा कि पुलिस को मालूम नहीं है कि इस धंधे का दायरा क्या है।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित इस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा, "गोवा मादक द्रव्यों का न तो उत्पादक है और न ही पारगमन क्षेत्र है। दरअसल, गोवा इस धंधे का भुक्तभोगी राज्य है। इसमें संलिप्त लोगों को हम चैन से बैठने नहीं देंगे। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।"
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के एंटी नारकोटिक्स सैल ने वर्ष 2009 में एक करोड़ रुपए का मादक द्रव्य बरामद कर यह साबित कर दिया है कि इस धंधे के खिलाफ पुलिस सक्रियता बढ़ गई है।
बस्सी का बयान ऐसे वक्त आया है जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने गोवा की पहचान मादक द्रव्यों के उभरते बाजार के रूप में की है। राज्य के गृहमंत्री रवि नायक और बस्सी दोनों एनसीबी के इस दावे को खारिज कर चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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