सूर्यग्रहण: आंध्र में बादल ने किया निराश
हैदराबाद और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सूर्यग्रहण सुबह 11.30 बजे से आरंभ हुआ। खगोलीय नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग बिरला तारामंडल और हुसैन सागर झरने के समीप इकट्ठा हुए लेकिन बादलों ने उन्हें निराश कर दिया।
वलयकार सूर्यग्रहण 77 प्रतिशत हैदराबाद में और 85 प्रतिशत नेल्लोर में दिखाई देगा। वारंगल, कुरनूल, तिरुपति, विजयवाड़ा सहित कई शहरों में सूर्यग्रहण दिखाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
सूर्यग्रहण के कारण राज्य के सभी प्रमुख मदिरों के कपाट बंद रखे गए। वैसे श्रीकलाहस्ती मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की व्यवस्था की गई। इस मंदिर को बंद नहीं किया गया।
उधर, जन विज्ञान वेदिका (जेवीवी) नामक संगठन ने सूर्यग्रहण से जुड़े अंधविश्वासों के खिलाफ अभियान की शुरुआत की। संगठन से जुड़े लोगों ने अन्य लोगों को विशेष चश्मे के द्वारा ग्रहण का नजारा दिखाया।
जेवीवी ने लोगों के लिए भोजन का भी विशेष प्रबंध किया। दरअसल ऐसी मान्यता है कि ग्रहण के दौरान भोजन ग्रहण करने से नुकसान होता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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