महंगाई नहीं रूकी तो बसपा करेगी आंदोलन : मायावती (लीड-2)
लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में मायावती ने कहा, "सरकार पूंजीपतियों और कालाबाजारियों के दबाव में काम कर रही है। केंद्र की गरीब विरोधी नीतियों के कारण महंगाई बढ़ रही है। वह इसके लिए राज्य सरकारों को अनावश्यक रूप से जिम्मेदार ठहराने की बजाय नीतियों में सुधार करे और पूंजीपतियों के हितों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाने के बजाय आम आदमी के हितों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाए।"
मायावती ने आरोप लगाया कि केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार की नीतियों की वजह से चीनी मील मालिकों को सहायता पहुंच रही है और देश में चीनी की कीमत आसमान छू रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "केंद्र सरकार ने चीनी का बफर स्टॉक नहीं बनाया और घरेलू खपत का आकलन किए बगैर गत वर्षो में चीनी का निर्यात किया। आज बाजार में चीनी के तीन गुना दाम इसी गलत नीति के परिणाम हैं।"
पवार का नाम लिए बगैर मायावती ने कहा कि एक जिम्मेदार मंत्री की गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी से मुनाफाखोरों को बढ़ावा मिला है, जिससे वे बिना डरे मुनाफाखोरी और जमाखोरी कर रहे हैं।
बुधवार को पवार ने मायावती सरकार की चीनी नीति पर हमला करते हुए कहा था कि प्रदेश की नीति की वजह से चीनी की किल्लत हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कच्ची चीनी के आयात पर रोक का फैसला प्रदेश के गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने कहा, "जबतक किसानों के खेतों में खड़े गóो की पेराई नहीं हो जाती तब तक चीनी मिलों को आयातित चीनी के प्रोसिसिंग की अनुमित नहीं दी जाएगी।"
महंगाई के मुद्दे बुधवार को हुई केंद्र सरकार की बैठक को मायावती ने बहुत देरी से उठाया गया मामूली कदम करार दिया। इस मुद्दे पर 27 जनवरी को मुख्यमंत्रियों की बैठक में शामिल होने के संबंध में उन्होंने कहा कि जनता के हित में अगर केंद्र सरकार कोई कदम उठाती है तो राज्य सरकारों को सहयोग करना चाहिए, तभी देश तरक्की करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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