बातचीत के लिए उल्फा से लिखित प्रस्ताव चाहती है असम सरकार
एक औद्योगिक संस्था द्वारा यहां आयोजित एक संगोष्ठी के मौके पर मीडिया कर्मियों ने गोगोई से जब उनके उस बयान के बारे में पूछा, जिसमें उन्होंने इस महीने के प्रारंभ में कहा था कि उल्फा की ओर से बातचीत का परोक्ष रूप से सकारात्मक संकेत मिले हैं, तो गोगोई ने कहा, "हम उल्फा से इस बारे में कुछ लिखित रूप में चाहते हैं।"
गोगोई ने कहा कि कई सारे उल्फा आतंकी राज्य में आत्मसमर्पण कर रहे हैं। इधर राज्य में अच्छी आर्थिक प्रगति हुई है। "राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) फिलहाल आठ प्रतिशत है। कई सारे विद्रोही इसलिए आत्मसमर्पण कर रहे हैं, क्योंकि यहां रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।"
यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी सरकार उल्फा के फरार स्वयंभू कमांडर इन चीफ परेश बरुआ को बातचीत की मेज पर लाना चाहती है, इस पर गोगोई ने कहा, "हम चाहते हैं कि जब कोई बातचीत शुरू हो तो हर वर्ग उपस्थित रहे। लेकिन जरूरत पड़ने पर सरकार बरुआ के बगैर भी बातचीत करेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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