प्रवासी भारतीय सम्मेलन : मुखर्जी 9-10 फीसदी विकास दर के प्रति आशांवित
राजधानी में चल रहे प्रवासी भारतीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था विकास के पथ अग्रसर है। हम चालू वित्त वर्ष में 7.75 फीसदी की विकास दर की आशा कर सकते हैं।"
वैश्विक मंदी से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, "यदि जिस दर से विकास हो रहा है वह जारी रहे तो 9-10 फीसदी की विकास दर हासिल करना संभव है।"
घरेलू मांग पैदा करने के लिए दिए गए 186,000 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज के संदर्भ में मुखर्जी ने कहा, "जनवरी 2009 में हमारे सामने या तो प्रारंपरिक मार्ग को अपनाने और खुशनुमा दिन का इंतजार करने या फिर वैसे कदम उठाने का विकल्प था जो परांपरागत नहीं था।"
देश के विकास की दर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2004 से 2009 के बीच पहली बार 8.6 फीसदी की विकास दर को हासिल किया गया था।
इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 में शुरू की गई सुधार की प्रक्रिया आज भी जारी है क्यों कि इस प्रक्रिया के जनक तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह आज देश के प्रधानमंत्री हैं।
हाल के दिनों में सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नए 'डायरेक्ट टैक्स कोड' पर सर्वसम्मति बनाने की कोशिश जारी है। उन्होंने इसे 2011-12 तक लागू किए जाने की आशा जताई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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