वर्ष 2010 के मध्य तक लागू होगा शिक्षा का अधिकार
सरकार ने कहा कि इसे लागू करने के लिए नियम बनाए बनाए जा रहे हैं जो कि अप्रैल अथवा मई तक तैयार हो जाएंगे।
प्रधान न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन और बी.एस. चौहान की खंडपीठ के समक्ष महाधिवक्ता गोपाल सुब्रहमण्यम ने यह बात कही।
वकील एम.सी. मेहता ने एक याचिका दाखिल कर समाज से बाल मजदूरी समाप्त करने और निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा कानून लागू करने की मांग की थी।
वर्ष 2002 में 6-14 वर्ष के बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा मुहैया कराने के लिए संविधान में संशोधन किए गए थे, जिसे अब सात साल बीत चुके हैं। संसद ने निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा विधेयक को चार माह पूर्व पारित कर दिया था लेकिन अभी तक न तो इस कानून को अधिसूचित किया गया है और न ही यह लागू हो पाया है।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, "अगर यह कानून बलपूर्वक लागू होता है तो बच्चे काम करने के बजाय स्कूल में होंगे। "
न्यायालय ने इस मुद्दे पर उठाए गए कदमों के बारे में सरकार से एक हलफनामा दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई मार्च में होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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