राठौड़ पर शिकंजा कसा, आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज (राउंडअप)
रुचिका के पिता एस.सी. गिरहोत्रा ने मंगलवार की शाम कहा कि अब हरियाणा पुलिस के पास राठौड़ की गिरफ्तारी के लिए काफी आधार हैं।
गिरहोत्रा ने कहा, "मुझे आश्चर्य है कि पुलिस अब भी उसे गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है। वह हमारे समाज का अपराधी है।" उन्होंने इस मामले में अपने को चारों ओर से मिल रहे समर्थन को देखते हुए न्याय मिलने की उम्मीद जताई।
हरियाणा के पुलिस सूत्रों ने कहा कि राठौड़ के खिलाफ मंगलवार को धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
पंचकुला के पुलिस अधीक्षक मनीष चौधरी ने आईएएनएस से कहा, "राठौड़ के खिलाफ एक नई प्राथमिकी दर्ज की गई है और हमने दर्ज किए गए तीन नए मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित करने की सिफारिश की है।"
भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत राठौड़ के खिलाफ रुचिका को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। रुचिका के भाई आशु द्वारा पिछले हफ्ते दी गई शिकायत के आधार पर राठौड़ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पंचकुला पुलिस थाने में पिछले हफ्ते राठौड़ के खिलाफ हत्या का प्रयास, सबूतों के साथ छेड़छाड़ और आपराधिक साजिश से संबंधित दो नए मामले दर्ज करवाए गए थे।
राठौड़ पर रुचिका के भाई को कार चोरी के झूठे मामले में फंसाने और हिरासत के दौरान उसे थर्ड डिग्री की प्रताड़ना देने का आरोप है। उस पर 1990 से 1993 के दौरान गिरहोत्रा परिवार को प्रताड़ित करने का भी आरोप है।
इन्हीं प्रताड़नाओं की वजह से रुचिका ने दिसंबर 1993 में आत्महत्या कर ली थी।
राठौड़ के निर्देश पर रुचिका के भाई को प्रताड़ित करने वाले कुछ अन्य पुलिसकर्मियों के नाम भी नई प्राथमिकी में दर्ज हैं।
रुचिका के साथ दुर्व्यवहार मामले की एक मात्र गवाह आराधना ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि पुलिस ने राठौड़ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने अपना वादा निभाया है।
आराधना के पिता आनंद प्रकाश ने कहा कि अब राठौड़ को सख्त से सख्त सजा से कोई नहीं बचा सकता है। उन्होंने कहा, "हम उसे जल्द से जल्द जेल में देखना चाहते हैं।"
गौरतलब है कि 12 अगस्त 1990 को राठौड़ ने 14 वर्षीया रुचिका के साथ दुर्व्यवहार किया था और उसके तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी।
सीबीआई की विशेष अदालत ने पिछले दिनों रुचिका मामले में राठौड़ को छह महीने की सजा सुनाई थी लेकिन 10 मिनट के भीतर ही उसे जमानत मिल गई भी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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