नेपाली छात्रा के मुद्दे पर वृंदा ने लिखा चिदम्बरम को खत
नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। नेपाली नागरिक तथा पुणे के फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान में अंतिम वर्ष की छात्रा नीतू सिंह के मामले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को पत्र लिखकर उनसे इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि 32 वर्षीय नीतू को उसके पति, जो कि नेपाली कांग्रेस के राजनेता हैं, के प्रभाव के दम पर कथित तौर पर नेपाल वापसी को मजबूर किया गया। गत पांच दिसम्बर को पुणे पुलिस ने कथित तौर पर नीतू को नेपाल जाने पर मजबूर किया। उस पर यह आरोप लगाया गया कि वह भारत में देश विरोधी गतिविधियों में सक्रिय है।
मिली जानकारी के मुताबिक नीतू को उसके हॉस्टल से बरामद किया गया तथा साजो-सामान के साथ उसे मुंबई ले जाया गया तथा वहां से उसे नेपाल भेज दिया गया।
करात ने चिदम्बरम को लिखे अपने पत्र में कहा, "लोकतांत्रिक भारत में यह सोचनीय नहीं है कि एक महिला को सिर्फ इसलिए नेपाल भेज दिया कि यह उसके पति व उसके परिवार वालों की इच्छा थी? यह हमारे देश के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है।"
करात ने कहा, "वह (नीतू) अपने पति के हाथों घरेलू हिंसा की शिकार हुई एक महिला है, जिसका कि नेपाल में प्रभावशाली राजनीतिक संबंध हैं। महाराष्ट्र पुलिस से यह जानकारी मिली है कि नीतू के पिता ने पुलिस को नीतू को नेपाल भेजे जाने के लिए कई पत्र लिखे।"
उन्होंने लिखा, "मुझे नीतू के पिता ने पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि उनके दामाद ने उन्हें दिगभ्रमित किया। वह चाहते थे कि उनकी बेटी पढ़ाई खत्म करे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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