एमपी के विधायक दे रहे हैं 10वीं की परीक्षा

अनुसूचित जनजाति से ताल्लुक रखने वाले बास्कले को हालात ने पढ़ाई जारी रखने से रोक दिया था। हालात बदले, वे निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचे और उन्हें लगा कि पढ़ाई जारी रखनी चाहिए। उनका मानना है कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा जरूरी है।
मुक्त विद्यालयी शिक्षा के तहत फॉर्म भरा
बास्कले ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने उम्र की झिझक को किनारे कर पढ़ाई जारी रखने का फैसला किया और मुक्त विद्यालयी शिक्षा के तहत 10वीं परीक्षा का फार्म भर दिया। उन्होंने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि पढ़ाई में उम्र बाधक नहीं होती और न ही पढ़ाई पर उसका असर पड़ता है। पढ़ाई विकास एवं तरक्की के लिए आवश्यक है।
मुक्त विद्यालयी परीक्षा की खूबियां बताते हुए बास्कले कहते हैं कि यह ऐसी परीक्षा है जिसके लिए न तो कोई उम्र का बंधन है और न ही कोई अन्य बाधा है इसलिए सभी को इस सुविधा का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के विकास के लिए शिक्षा जरूरी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्य को स्वर्णिम प्रदेश बनाना चाहते हैं, इसके लिए शिक्षा जरूरी है, इसलिए सभी लोग पढ़ाई करें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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