राजखोवा की गिरफ्तारी पर अगप ने सवाल उठाए
अगप का कहना है कि ऐसे कदम से शांति प्रक्रिया बाधित होगी। पार्टी अध्यक्ष चंद्रमोहन पटवारी ने कहा, "अरबिंद राजखोवा को हथकड़ी और शांति की बातें ये दोनों साथ-साथ नहीं चल सकतीं। सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि वह अलगाववादी गुटों के साथ शांति वार्ता चाहती है या उन पर नियंत्रण करना चाहती है।"
पांच दिसम्बर को हुई गिरफ्तारी के बाद राजखोवा और उसके सहायक राजू बरुआ को यहां की एक अदालत में पेश किया गया था। राजखोवा ने यहां पत्रकारों से कहा था कि हथकड़ी में वार्ता का सवाल ही नहीं उठता है।
अगप अध्यक्ष ने कहा, "राजखोवा की गिरफ्तारी संबंधी घटनाक्रम विवादों में है। सरकार परस्पर विरोधी बयान दे रही है। पहले कहा गया कि राजखोवा और बरुआ ने आत्मसमर्पण किया था और फिर कहा जाता है कि उसे गिरफ्तार किया गया। सरकार यह भी बयान देती है कि शांति वार्ता को लेकर जल्द ही अच्छी खबर आएगी।"
अगप अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी विधायकों और सांसदों ने शुक्रकवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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