मध्य प्रदेश में हिजड़ा मेयर निर्वाचित
मध्य प्रदेश में विभिन्न पदों पर हिजड़ों के निर्वाचित होने का यह चौथा उदाहरण है।
वर्ष 2000 में शबनम मौसी पहली हिजड़ा थीं, जो शहडोल जिले की सोहागपुर विधानसभा सीट से विधायक के रूप में निर्वाचित हुई थीं। वर्ष 2001 में कमला जान कटनी शहर के मेयर पद पर निर्वाचित हुई थीं और उसी वर्ष मीना बाई सहोरा शहर में नगरपालिका की अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं।
बाद में कमला जान का निर्वाचन मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा फरवरी 2003 में निरस्त कर दिया गया था। उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था, जिसमें कहा गया था कि हिजड़े पुरुष होते हैं, लिहाजा महिलाओं के लिए आरक्षित पदों पर उन्हें निर्वाचित नहीं किया जा सकता।
कमला बुआ ने सागर नगर निगम (एसएमसी) चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपने प्रतिद्वंद्वी को 40,000 मतों से पराजित किया है।
समाजवादी पार्टी (सपा) की राज्य इकाई के अध्यक्ष गौरी यादव ने कहा है, "कांग्रेस और भाजपा के लिए यह एक स्पष्ट संदेश है कि सागर के लोग इन दोनों पार्टियों पर अब ज्यादा दिनों तक विश्वास नहीं करने वाले हैं, क्योंकि इन पार्टियों ने जिले में कुछ भी विकास कार्य नहीं किया है। इसके बदले दोनों पार्टियों के प्रतिनिधि अपने खुद के विकास में लगे रहे हैं।"
सागर के एक निवासी एस. पी. शुक्ला ने कहा, "पिछले दो कार्यकाल से सागर का मेयर पद भाजपा के पास रहा है। लेकिन इस दौरान शहर में कुछ भी विकास कार्य नहीं हुआ। जबकि मेयर पद पर बैठा व्यक्ति तमाम भ्रष्टाचारों में संलिप्तता के कारण लगातार मालामाल होता गया।"
सागर में हिजड़ा समुदाय के गुरु के रूप में सम्मानित कमला बुआ ने कहा है कि सागर में क्या विकास किया जाना चाहिए, इस पर लोगों के विचार जानने के लिए वह एक समिति गठित करेंगी।
कमला बुआ के अनुसार इस समिति में धार्मिक नेता, इंजीनियर, चिकित्सक, प्रोफेसर, वरिष्ठ पत्रकार, उद्योगपति और व्यापारी शामिल होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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