सोमनाथ मंदिर और बॉलीवुड सितारे थे आतंकियों के निशाने पर (राउंडअप)

अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) द्वारा शिकागो संघीय अदालत में सोमवार को पेश किए गए नए दस्तावेजों से इस साजिश का खुलासा हुआ है।

एफबीआई ने सोमवार को भारत और डेनमार्क में आतंकवादी हमले की साजिश रचने के आरोप में पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली के साथ गिरफ्तार पाकिस्तान में पैदा हुए शिकागो के व्यापारी तहव्वुर हुसैन राणा के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दायर किया है।

एफबीआई ने 10 पेज के नए शपथपत्र में कहा, "सात सितम्बर, 2009 को हेडली ने राणा से चार संभावित लक्ष्यों सोमनाथ मंदिर, डेनमार्क, बॉलीवुड और शिवसेना के बारे में चर्चा की थी।"

एफबीआई ने आरोप पत्र में कहा, "गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में हालांकि राणा ने झूठ बोला और उसने दावा किया कि इन स्थानों की चर्चा व्यापार के लिए संभावित उपक्रम के संदर्भ के रूप में सामने आई।"

एफबीआई ने आरोप पत्र में कहा, "लेकिन यह समझ से परे है कि जिस व्यक्ति ने आतंकवादी संगठन के भारत में हमले की प्रशंसा की हो वह आखिर भारतीय मंदिर और राजनीतिक दल को व्यापारिक उपक्रम के रूप में कैसे देख सकता है।"

एफबीआई ने कहा, " हेडली, राणा और पाशा (पाकिस्तानी सेना का सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर) ने अपनी बातचीत में आतंकवादी लक्ष्यों के लिए 'बिजनेस' 'इन्वेस्टमेंट' जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल किया था।"

राणा ने सात सितम्बर, 2009 को हेडली के साथ बातचीत में नेशनल डिफेंस कालेज के बारे में चर्चा की थी। इसमें पूर्व में तय किए गए लक्ष्यों पर भी बात की गई। इस बातचीत के दौरान हेडली ने कहा था, "सॉरी नॉट फोर, फाइव (माफ कीजिए चार नहीं, पांच)"।

लोक अभियोजक ने कहा कि इस बातचीत के दौरान हेडली ने राणा से कहा कि हम लोग डिफेंस कालेज पर हमले के लिए लश्कर सदस्य-ए का इस्तेमाल करेंगे।

लोक अभियोजक ने टेप किए गए टेलीफोन बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि सात सितंबर 2009 को हेडली और राणा के बीच काफी लंबी बातचीत हुई और दोनों ने नवंबर 2008 में हुए मुंबई हमले पर विस्तार से चर्चा की।

लोक अभियोजक ने सोमवार को राणा की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि उसके देश से बाहर भागने का खतरा है। उसकी जमानत पर मंगलवार को शिकागो के जिला न्यायालय में सुनवाई होनी है।

कनाडा का नागरिक राणा जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए दो दिसम्बर को न्यायालय के सामने पेश हुआ। न्यायाधीश नान नोलन ने उसकी रिहाई पर सुनवाई 15 दिसम्बर तक स्थगित कर दी थी।

मुंबई हमले के बारे में पहले से जानता था राणा :

एफबीआई के ताजा साक्ष्यों के अनुसार पाकिस्तान में पैदा हुआ शिकागो का व्यापारी तहव्वुर हुसैन राणा मुंबई पर लश्कर-ए-तैयबा द्वारा किए गए आतंकवादी हमले के बारे में पहले से जानता था और उसने हमले के साजिशकर्ताओं को मुबारकबाद दी थी।

सोमवार को शिकागो न्यायालय में पेश दस्तावेजों में अभियोजक ने कहा कि एक अन्य पाकिस्तानी-अमेरिकी डेविड कोलमैन हेडली के साथ पिछले महीने गिरफ्तार हुए राणा ने 26 नवंबर 2008 को हुए हमले के बारे में सबसे पहले दुबई यात्रा के दौरान सुना था।

अभियोजक ने कहा कि राणा आतंकवादियों को साजो सामान उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार था और उसने हमले के बाद आतंकवादी संगठन की अच्छी योजना और कार्यान्वयन के लिए हेडली को बधाई दी।

सहायक अमेरिकी अभियोजक डेनियल कोलिंस ने न्यायालय को बताया कि राणा को मुंबई के बारे में पहले बताया गया था और उसने हमले के बाद हमले करने वालों को बधाई दी थी।

एफबीआई ने राणा और हेडली के बीच सात सितम्बर 2007 को हुई टेलीफोन बातचीत का रिकार्ड पेश किया और कहा कि दोनों मुंबई पर हमले के बारे में चर्चा कर रहे थे।

एफबीआई ने कहा, राणा गांधी नहीं :

मुंबई हमले की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार तहव्वुर हुसैन राणा के स्वयं को एक अहिंसावादी व्यक्ति के रूप में पेश करने पर सवाल खड़ा करते हुए अभियोजन पक्ष ने कहा कि 'वह गांधी नहीं है।'

शिकागो के संघीय न्यायालय में सोमवार को दायर दस्तावेजों में अभियोजन पक्ष ने कहा, "यह विडंबना है कि वह ऐसे व्यक्ति का नाम ले रहा है जो अहिंसा के सिद्धांत का जनक और सत्य बोलने वाला था। आतंकवादियों की प्रशंसा और समर्थन करने वाला राणा न्यायालय को गुमराह करना चाहता है।"

राणा की जमानत का विरोध करते हुए अभियोजन ने कहा कि यदि गिरफ्तारी के बाद के राणा के झूठे दावे को मान भी लिया जाए कि लश्कर-ए-तैयबा के एक मुख्य साजिशकर्ता से उसके संबंध केवल कश्मीर पर हमले से संबंधित थे, तो भी स्पष्ट है कि राणा गांधी नहीं है।

एफबीआई के ताजा साक्ष्यों के अनुसार पाकिस्तान में पैदा हुआ शिकागो का व्यापारी तहव्वुर हुसैन राणा मुंबई पर लश्कर-ए-तैयबा द्वारा किए गए आतंकवादी हमले के बारे में पहले से जानता था और उसने हत्यारों को मुबारकबाद दी थी।

'राणा-हेडली मामले में और खुलासे होंगे'

नई दिल्ली में संदिग्ध आतंकी डेविड कोलमैन हेडली और तहव्वुर हुसैन राणा की गतिविधियों की जांच में जुटे जांचकर्ताओं का मानना है कि आने वाले दिनों में इन आतंकियों की साजिशों से संबंधित और भी खुलासे होंगे।

पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक राणा के खिलाफ दायर किए गए आरोप पत्र और ताजा सबूतों के फुटनोट में एफबीआई द्वारा पहली बार तीन संभावित लक्ष्यों का खुलासा किया गया है।

खुफिया सूत्रों ने कहा, "इस मामले में और भी खुलासे होंगे। एफबीआई ने अपने 10 पृष्ठों के ताजे हलफनामे के फुटनोट में इस बात का खुलासा किया है। निश्चित रूप से वे सूचना जुटाने में सफल हुए हैं। हमें इस मामले में कुछ दिन और इंतजार करना चाहिए।"

राज्यसभा में गूंजा हेडली मामला :

भारत पर आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली के मुद्दे पर राज्यसभा में मंगलवार को मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सदस्यों ने सरकार से यह जानना चाहा कि वह अपनी मर्जी से कैसे भारत के दौरे पर आ सका।

माकपा की वृंदा करात ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि हेडली कैसे अपनी मर्जी से भारत का दौरा करता रहा। उन्होंने कहा, "ऐसी रिपोर्ट है कि हेडली गुप्त अमेरिकी एजेंट था। क्या अमेरिका ने हमें इसकी सूचना दी थी? क्या हमारी खुफिया एजेंसियां इसे लेकर सतर्क थीं?"

करात ने कहा, "भारतीय जांचकर्ताओं को हेडली से पूछताछ करने की इजाजत क्यों नहीं मिली, जबकि अजमल आमिर कसाब के लिए अमेरिका को अनुमति दी गई थी।" उन्होंने जानना चाहा कि क्या ऐसा इसलिए नहीं किया गया क्योंकि इससे अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के बारे में पता चल जाता। उन्होंने कहा, "हम इस मसले पर सरकार से स्पष्टीकरण चाहते हैं।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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