जनता की भावनाओं से खेल रही केंद्र सरकार: भाजपा

राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे पर भाजपा सांसद एम. वेंकैया नायडू ने कहा, "आंध्र प्रदेश में जो कुछ हो रहा है वह चिंता की बात है। भारत सरकार ने मामले को पेचीदा बना दिया है। राज्य में अशांति है, छात्र आंदोलन कर रहे हैं। 130 से अधिक विधायक इस्तीफे की बात कर रहे हैं। विधानसभा की कार्यवाही नहीं चल पा रही है और उसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।"
उन्होंने कहा, "सरकार लोगों की भावनाओं के साथ खेल रही है। भारत सरकार ने पूरी तरह अपरिपक्वता और गैर जिम्मेदारी दिखाई है। मैं सरकार से चाहता हूं कि वह तेलंगाना मसले पर रूपरेखा के साथ सामने आए।" आंध्र प्रदेश के निवासी और कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य नायडू ने ऐसी ही मांग पिछले सप्ताह भी की थी।
बिना सलाह-मश्विरा के किया फैसला
आंध्र प्रदेश के विधायकों और सांसदों से चर्चा किए बिना नए राज्य के गठन को मंजूरी देने के लिए नायडू ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के नेता भड़काऊ भाषण देकर अनशन कर रहे हैं। राज्य कांग्रेस में विभाजन है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उनसे सलाह नहीं ली गई।
नायडू के इस बयान का सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध किया। नायडू ने कहा कि भाजपा तेलंगाना के गठन के लिए प्रतिबद्ध है। इस पर पीछे लौटने का सवाल ही नहीं है। राज्यसभा के उपसभापति के. रहमान खान ने नायडू की बोलने की समयावधि समाप्त होने के बाद अगले सदस्य को बोलने को कहा लेकिन नायडू ने इसका विरोध किया।
उन्होंने कहा कि राज्य उबल रहा है और उन्हें नियमों का हवाला देकर बोलने से रोका जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री ने संसद के बाहर तेलंगाना मुद्दे पर बयान दिया। वह नियमों के खिलाफ नहीं था। नायडू ने खान से सरकार को इस मुद्दे पर बयान देने को कहने को कहा, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। खान ने कहा, "मैं ऐसा नहीं कर सकता। आप जो भी कह रहे हैं, सरकार उसे सुन रही है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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