तेलंगाना के खिलाफ हैं राज्य के 225 विधायक : कांग्रेस सांसद (लीड-2)
इस बीच पृथक तेलंगाना के प्रस्तावित गठन के विरोध में रविवार को अनशन पर बैठीं पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय एन. टी. रामाराव की पत्नी लक्ष्मी पार्वती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
नई दिल्ली में देश के सबसे धनी राजनेताओं में से एक राजगोपाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव होगा क्योंकि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने दोबारा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान करते हुए कहा कि तेलंगाना के खिलाफ वह हैदराबाद में भूख हड़ताल करेंगे।
राजगोपाल ने दावा किया कि राज्य विधानसभा के 294 सदस्यों में से 225 तेलंगाना के गठन के विरोध में हैं। उन्होंने कहा कि आंध्र और रायलसीमा के 175 विधायकों के अलावा तेलंगाना के 50 विधायक भी प्रस्ताव के विरोध में वोट देंगे।
राजगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, "हम आंध्र प्रदेश के विभाजन की अनुमति नहीं देंगे। आंध्र का विभाजन क्यों होना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "अब मैंने विभाजन विरोधी आंदोलन में शामिल होने का फैसला किया है। हैदराबाद को आंध्र प्रदेश से अलग किया जाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
उधर, हैदराबाद में लक्ष्मी पार्वती ने संवाददाताओं से कहा कि तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू को राज्य के विभाजन पर सहमति जताने के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तेदेपा के संस्थापक एनटीआर हमेशा राज्य की एकता के लिए आवाज बुलंद किया करते थे।
इस बीच हैदराबाद में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
राज्य में पृथक तेलंगाना के विरोध में रविवार को तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहे।
आंध्र और रायलसीमा के विभिन्न इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सड़क और रेलमार्गो को जाम किया। रविवार को भी राज्य परिवहन निगम की बसें सड़कों से नदारद रही।
विरोध प्रदर्शनों की वजह से आंध्र के नौ और रायलसीमा क्षेत्र के चार जिलों में जनजीवन सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने कुछ इलाकों में बंद का आह्वान किया था।
अनंतपुर जिले में प्रदर्शनकारियों ने भारतीय तेल निगम के कार्यालय पर हमला बोल दिया और टैंकरों को क्षति पहुंचाई।
विजयवाड़ा में तेदेपा के विधायक डी. उमामहेश्वर राव व रामकोटैया और पूर्व मेयर अनुराधा रविवार से अनशन पर बैठ गए। राव ने कहा कि उनका अनशन उस वक्त खत्म होगा जब केंद्र सरकार अलग तेलंगाना के गठन का फैसला वापस लेगी।
पृथक तेलंगाना के विरोध में विशाखापट्टनम स्थित आंध्र विश्वविद्यालय में छात्रों का एक समूह भी अनशन पर बैठ गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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