अमेरिकी सेना में दूसरे पगड़ीधारी सिख की तैनाती को स्वीकृति (लीड-1)
वाशिंगटन, 12 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरिकी सेना कैप्टन तेजदीप सिंह रत्तन को उनकी धार्मिक पहचान यानी दाढ़ी और दस्तार (पगड़ी) सहित स्वीकार करने को तैयार हो गई है। आठ महीने के आंदोलन के बाद सेना में दूसरे सिख को पगड़ी सहित तैनाती का अधिकार मिला है।
पिछले 23 वर्षो में यह पहली बार हुआ कि दो सिख अपनी धार्मिक पहचान के साथ सेना में शामिल हुए।
एक दंत चिकित्सक कैप्टन तेजदीप सिंह रत्तन और चिकित्सक कैप्टन कमलजीत सिंह कलसी को सेना ने सक्रिय तैनाती के लिए पगड़ी हटाने का आदेश दिया था। दोनों सिखों ने एक सैन्य कार्यक्रम के तहत चिकित्सा शिक्षा ग्रहण की थी। सेना ने उनकी शिक्षा का खर्च उठाया था।
दोनों चिकित्सकों ने पगड़ी हटाने से इंकार कर दिया। सिख संगठनों के अभियान के बाद अक्टूबर में सेना ने कैप्टन कलसी को सक्रिय तैनाती देने का फैसला किया। अब उसने कैप्टन रत्तन को भी सक्रिय तैनाती दे दी।
अमेरिकी सेना ने वर्ष 1981 में सभी धार्मिक पहचानों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इससे पहले सेना में शामिल सिख पगड़ी के साथ सक्रिय तैनाती में बने रह सकते थे।
परंतु अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि दोनों चिकित्सकों को दी गई छूट अपवाद है और धार्मिक पहचान पर प्रतिबंध के नियम की समाप्ति नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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