संप्रभुता का मुद्दा छोड़ने पर उल्फा से होगी वार्ता : गोगोई
गोगोई ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, "उल्फा के साथ बातचीत के लिए हमारे दरवाजे खुले हैं लेकिन इसके लिए उसे हिंसा का रास्ता और संप्रभुता की मांग छोड़नी पड़ेगी।"
गोगोई ने यही बयान सोमवार को शुरू हुए राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान दिया। उन्होंने कहा, "अगर वे हिंसा छोड़ देते हैं तो हम उनका बाहें फैलाकर स्वागत करेंगे और अगर वे हिंसा जारी रखते हैं तो कड़ा रुख बनाए रखेंगे।"
उल्फा के संस्थापक अरविंद राजखोवा और उपप्रमुख राजू बरुआ की गिरफ्तारी के बाद सरकार की ओर से यह पहला औपचारिक बयान है। इन दोनों के अपने परिजनों के साथ कथित समर्पण करने की बात भी सामने आई थी जिसके बाद इनकी गिरफ्तारी की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, "उल्फा नेताओं के परिजन स्वतंत्र हैं और उनकी पत्नियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। परिजन असम पुलिस के साथ हैं और जब चाहें अपने परिजनों के पास जा सकते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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