सरकारों पर अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानूनों के उल्लंघन का आरोप
चेन्नई, 5 दिसम्बर (आईएएनएस)। दुनिया भर की सरकारें अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानूनों एवं समझौतों का उल्लंघन कर रही हैं और आपराधिक आरोपों में नाविकों की गिरफ्तारी के कारण उनका पेशा असुरक्षित हो गया है। यह कहना है नाविकों के एक संगठन का।
मेरिनर वेलफेयर गिल्ड के संस्थापक एस. पुल्लट ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि सरकारों को नाविक समुदाय के हितों का ख्याल नहीं है। वह कहते हैं, "पिछले एक दशक से नाविकों को अपराधी करार देने की कोशिशें तेज हो चुकी हैं। ऐसे में इस पेशे के लोग खुद को असुरक्षित मान रहे हैं। यह प्रवृत्ति न सिर्फ यूरोप, बल्कि एशिया में भी जोर पकड़ चुकी है। कई देश अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानूनों की परवाह नहीं करते, जबकि कई देश नाविकों के अधिकारों को कुचलने में लगे हैं और उनके साथ भेदभाव जैसा व्यवहार किया जाता है।"
उनका मानना है कि कई बार दो मुल्कों के तनाव का मार भी इन नाविकों को झेलनी पड़ती है। नाविक दिवस, जो हर दिसंबर के प्रथम शनिवार को मनाया जाता है, के मौके पर नाविकों के एक समूह ने चेन्नई पोर्ट ट्रस्ट के कार्यालय के पास प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकृष्ट करने की कोशिश की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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