हुर्रियत नेता की हालत गंभीर, चिदंबरम ने कहा शांति वार्ता जारी रहेगी (लीड-2)
मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले हुर्रियत के उदारवादी धड़े के वरिष्ठ नेता कुरैशी, कश्मीर मुद्दे का बातचीत के जरिए समाधान चाहते रहे हैं और नई दिल्ली के साथ संवाद के इच्छुक रहे हैं।
कुरैशी पर शुक्रवार की शाम उस समय हमला किया गया, जब वह श्रीनगर के बाहरी हिस्से में सौरा स्थित अपने आवास के पास एक मस्जिद से बाहर निकल रहे थे।
इस हमले को हुर्रियत के उदारवादी धड़े के लिए केंद्र सरकार के साथ बातचीत के खिलाफ एक हिंसक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
केंद्र सरकार और अलगाववादी संगठन ने हालांकि संवाद प्रक्रिया जारी रखने के प्रति अपनी बचनबद्धता दोहराई है। दोनों पक्षों ने कहा है कि वे शांति प्रक्रिया को ध्वस्त करने की इस तरह की कोशिशों से नहीं डरने वाले।
यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कुरैशी पर गोली चलाई गई या धारदार हथियार से उन पर हमला किया गया।
कुरैशी के एक करीबी रिश्तेदार तारिक अंदराबी ने कहा कि शुक्रवार की रात कुरैशी का ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों ने कहा है कि कुरैशी के सिर के सीटी स्कैन में कोई गोली नहीं दिखी है।
अंदरीब ने आईएएनएस को बताया, "लेकिन आसपास के लोगों ने कहा कि उन्हें गोली चलने की आवाज सुनाई दी। हम अभी स्पष्ट नहीं हो पाए हैं कि उन पर कैसे हमला किया गया। वह फिलहाल शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एसकेआईएमएस) के गहन चिकिस्ता कक्ष में हैं और उन्हें जीवन रक्षक यंत्र पर रखा गया है।"
कुरैशी की देखभाल कर रहे एक चिकित्सक ने कहा, "उनके प्रमुख अंग सामान्य तौर पर काम कर रहे हैं, लेकिन हमें अगले 48 घंटों तक उनकी निगरानी करनी है। संक्रमण रोकने के लिए उन्हें एंटीबायोटिक्स दी जा रही है।"
कुरैशी का शुक्रवार रात एसकेआईएमएस में चार घंटे तक ऑपरेशन चला था।
अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उनके नजदीकी रिश्तेदारों के अलावा किसी को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं है।
कुरैशी पर हमले के विरोध में हुर्रियत ने शनिवार को श्रीनगर बंद का आह्वान किया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। श्रीनगर में सभी शैक्षणिक और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर बंद का असर पड़ा है।
मीरवाइज ने शुक्रवार को इस हमले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे कायराना हरकत करार दिया था। उन्होंने कहा कि उदारवादी धड़ा इससे हतोत्साहित नहीं होगा।
दूसरी ओर नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने शुक्रवार के हमले को कायरतापूर्ण कार्रवाई करार देते हुए कहा कि इससे जम्मू एवं कश्मीर में शांति प्रक्रिया बाधित नहीं होगी।
चिदंबरम ने एक बयान में कहा, "मैं कुरैशी पर हुए हमले से बेहद दुखी हूं। इस कायरतापूर्ण हमले से शांति प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। जम्मू एवं कश्मीर में हम सभी पक्षों से बातचीत जारी रखेंगे।"
चिदंबरम ने कुरैशी पर हमला करने वालों की ओर इशारा करते हुए कहा, "ये वे तत्व हैं जिन्होंने पहले भी जम्मू एवं कश्मीर को संकट में डाला है। यह भी स्पष्ट हो गया है कि ये भारत विरोधी ताकतों के इशारों पर काम करते हैं।"
आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदिन से संबंधित एक गुरिल्ला गुट 'अल-नसरीन' ने शुक्रवार देर रात कुरैशी पर हमले की जिम्मेदारी ली थी।
जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कुरैशी पर हमले की घटना को आतंकी कार्रवाई करार दिया है।
अब्दुल्ला ने कहा, "ऐसी हरकतों को शांति प्रक्रिया अवरुद्ध करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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