राजखोवा को 'सुरक्षित रास्ता' दें: गोगोई

Assam

भारत में प्रतिबंधित विद्रोही संगठन उल्फ़ा के चेयरमैन अरबिंदा राजखोवा की गिरफ़्तारी की अटकलों के बीच असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा है कि उल्फ़ा चरमपंथियों से वार्ता के प्रयास हो रहे हैं और यदि राजखोवा बातचीत के लिए 'सुरक्षित रास्ता' चाहते हैं तो वे इसके हक़ में हैं.

महत्वपूर्ण है कि यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ असम (उल्फ़ा) दो दशक से ज़्यादा समय से भारत सरकार के ख़िलाफ़ सशस्त्र विद्रोह कर रहा है. रोजखोवा की भारत सरकार को एक लंबे अरसे से तलाश थी. भारतीय मीडिया में कुछ दिन से ख़बरें आ रही हैं राजखोवा को ढाका में गिरफ़्तार किया गया है लेकिन आधिकारिक तौर पर न बांग्लादेश और न ही भारत की सरकार ने इसकी पुष्टी की है.

बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक ने कहा है कि बांग्लादेश के एक वरिष्ठ ख़ुफ़िया एजेंसी अधिकारी ने नाम न दिए जाने की शर्त पर 'राजखोवा को ढाका में घर पर नज़रबंद किए जाने" की जानकारी दी है. सुबीर भौमिक के अनुसार भारत की खु़फ़िया एजेंसियों के अधिकारियों ने भी यही जानकारी दी है.

'विद्रोह का अंत निकट ही है'

तरुण गोगोई का कहना था, "मेरी गृह मंत्री से बात हुई है. उन्होंने संकेत दिए हैं कि उल्फ़ा से वार्ता की बात सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है. हम चाहते हैं कि परेश बरुआ भी बातचीत में शामिल हों....यदि राजखोवा चाहते हैं कि उन्हें बातचीत में भाग लेने के लिए सुरक्षित रास्ता दिया जाए, तो मेरे विचार में सुरक्षित रास्ता देना चाहिए."

बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक का कहना है कि उल्फ़ा के सूत्रों ने बताया है कि उनके चेयरमैन राजखोवा पर बहुत दबाव है कि वे भारत सरकार के साथ बातचीत शुरु करे. उनका ये भी कहना है कि सूत्र बताते हैं कि 'बांग्लादेश ने वादा किया है कि यदि राजखोवा बातचीत को राज़ी होते हैं तो उन्हें सुरक्षित रास्ता दिया जा सकता है."

गोगोई ने कहा, "बातचीत किसी भी मुद्दे पर हो सकती है जिसमें स्वायत्ता, वित्तीय अधिकार शामिल हैं….वार्ता के लिए सकारात्मक माहौल बनाने के लिए जो भी ज़रूरी होगा, हम करने के लिए तैयार हैं. मुझे कहने में हिचकिचाहट नहीं कि किसी समय उल्फ़ा को समाज के एक वर्ग में समर्थन हासिल था लेकिन वे भी ये जानते हैं कि वे जनसमर्थन खो रहे हैं. वे समझ रहे हैं कि विद्रोह बेमानी है, नहीं तो बातचीत के लिए सामने नहीं आते. ये कहा जा सकता है कि विद्रोह का अंत निकट ही है."

उधर भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम संसद में कह चुक हैं, "उल्फ़ा में आज अफ़रा-तफ़री मची हुई है....और अगले कुछ दिन में मैं उम्मीद करता हूँ कि उल्फ़ के नेतृत्व की और से एक राजनीतिक बयान आएगा....एक सकारात्मक बयान." उधर बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक के अनुसार भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों के अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें अपुष्ट ख़बरें मिली हैं कि नेशनल डेमोक्रेटिक फ़्रंट ऑफ़ बोडोलैंड के रंजन डेमारी और नेशनल लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ त्रिपुरा के बिस्वमोहन डेब्बर्मा को भी बांग्लादेश में पकड़ा गया है.

गौरतलब है कि इससे पहले उल्फ़ा नेताओं चित्रबन हज़ारिका और सशधर चौधरी को बांग्लादेश में पकड़ कर भारतीय सीमा में भेज दिया गया था जहाँ भारतीय अधिकारियों ने उन्हें गिरफ़्तार किया था.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+